Indraganj Lashkar
तीसरे दिन – खुशहाल जीवन के लिए दिव्य गुणों और शक्तियों को करें धारण – राजयोगिनी ऊषा दीदी
खुशहाल जीवन के लिए दिव्य गुणों और शक्तियों को करें धारण – राजयोगिनी ऊषा दीदी
राजयोगिनी ऊषा दीदी ने ब्रह्माकुमारीज के तीन राजयोग ध्यान केंद्रों का किया उद्घाटन

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ग्वालियर के तीन केंद्रों का हुआ उद्घाटन।
जिसमें झूलेलाल कॉलोनी (समाधिया कॉलोनी), हक्सर कॉलोनी मुरार (टप्पा तहसील के पास) तथा विद्या नगर (न्यू कलेक्टोरेट के सामने
के)
कार्यक्रम में सिटी सेंटर केंद्र प्रभारी बीके चेतना बहन ने सभी का स्वागत किया। ततपश्चात बीके ऊषा दीदी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि
क्रोध पर विजय पाने का तरीका
कमजोरी से कमजोरी को खत्म नही किया जाता कमजोरी को किसी शक्ति से सकारात्मकता से खत्म किया जा सकता है
मैडिटेशन के द्वारा खुद को चार्ज किया जाता है कमजोरी को पहचानकर उसको सुधारना ही सफलता प्राप्त करना है यदि कोई आपको आपकी कमजोरी बताए तो उसको सुनें उसका शुक्रिया करे उसको डिफेंट ना करे ऐसी कमजोरी की पैरवी करे उसको बढ़ाये नही उसको स्वीकार कर के उसको खत्म करने का उपाय् सोचे।
कमजोरियों की लिस्ट तैयार करनी है हर कोई अपनी कमजोरी को जानता है।
यदि किसी को क्रोध आता है तो क्यो आता है शांति की कमी, धैर्यता की कमी, इस शक्ति के आभाव में क्रोध आता है
उसके लिए ब्रह्ममुहूर्त (अमृतवेले) में बैठ कर सर्वशक्तिमान परमात्मा से रोज 7 दिनों तक शांति की शक्ति का आहवान करे तो उस शक्ति की अनुभूति होती रहेगी। ऐसे ही अन्य गुणों और शक्तियों से स्वयं को भरपूर कर सकते है।
निर्विघ्न और खुशहाल जीवन जीने के लिए उन गुणों और शक्तियों को अपने अंदर भरे। विघ्न आता है तो अनुभवी बनाने के लिए आता है लेकिन अनुभवी होने के बाद उस अनुभव से उस परिस्थिति का सामना करें।
परमात्मा को अपना साथी बना लो और तो उनकी मदद अवश्य मिलेगी। कोई बात किसी से बार बार आ रही है तो जरूर कोई कार्मिक खाता है तो उसको क्यों क्या कैसे कब प्रश्नों में दुखी ना हो उसको शुभ भावना से खत्म करे।
यदि ऐसा नही किया तो वो आपकी खुशी को समाप्त करेगा।
नकारात्मक चिंतन से अपने को दूर रखें ।
यदि कोई हमसे ईर्ष्या कर रहा है। तो चिंतित न हो उसके लिए शुभ भाव रखें। क्योकि कोई हमारा भाग्य नहीं मिटा सकता। यदि कोई उस भाग्य को मिटा सकता है तो वो हम स्वयं ही है, इसलिए भाग्य को ऊंचा रखने के लिए सदैव श्रेष्ठ कर्म करते रहें।
कहावत भी है निंदा हमारी जो करे सो मित्र हमारा होय।
इसलिए निंदा करने वाले को अपना मित्र मानों तो कभी चिंता भी नहीं होगी और हम अपने जीवन को भी अच्छा बना सकेंगे।
इस अवसर पर पर म.प्र. भोपाल ज़ोन की सभी जिलों की प्रभारी बहनें भी उपस्थित रहीं।

इसके साथ ही शाम को माधवगंज स्थित प्रभु उपहार भवन में दीदी जी का व्याख्यान हुआ। जिसमें उन्होंने संस्थान से जुड़े भाई एवं बहनों को आध्यात्मिक रीति से कैसे हम अपनी उन्नति करें इसके बारे में विस्तार से बताया।
– प्रेम, शांति, खुशी, सम्मान जो आपको चाहिए वह दूसरों को बांटना शुरू करो – ब्रह्माकुमारी ऊषा दीदी
ग्वालियर। जिनको प्रभु का प्यार मिल रहा है वह बड़े ही सौभाग्यशाली है। इसलिए सदैव स्मृति रखो हमारे जैसा खुशनसीब और कोई नहीं भगवान ने हम सभी को सर्व खजाने दिए हैं ज्ञान का खजाना, गुणों का खजाना, शक्तियों का खजाना, खुशी का खजाना बस इन्हें उपयोग करना आना चाहिए। जो समय पर इन खजानों को उपयोग कर पाते है वह जीवन को सुंदर तरीके से जीते है। और इन खजानों को बढ़ाने का तरीका है जितना बांटो उतना बढ़ेगा। जो आपको चाहिए वह बांटना शुरू करो खुशी चाहिए तो खुशी बांटो, सम्मान चाहिए तो सबको सम्मान दो, प्रेम चाहिए तो सभी से प्रेम पूर्वक व्यवहार करो। संसार का नियम है जो देंगे वही मिलेगा उक्त बात राजयोगिनी बीके ऊषा दीदी ने जाने से पूर्व प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन माधौगंज केंद्र पर सभी को संबोधित करते हुए कही।
दीदी ने आगे कहा कि जीवन मे हमेशा ध्यान रखो कि हमारे शब्द कैसे है हम जो बोल रहे है वह दूसरों को मिठास देने वाले हो कोई शब्द ऐसा नहीं बोलना चाहिए जो दूसरों को दुःख दे। घर के अंदर अगर अच्छा वातावरण बनाना है तो रोज दिव्यगुणों को धारण करने की पढ़ाई पढ़ो उस पर चिंतन करो यदि हमारे जीवन में आलस्य अलबेलापन होगा तो हम किसी भी कार्य को बेहतर ढंग से नहीं कर पाएंगे । जो हमारे मन में विचार आते हैं वही कर्म में आता है इसलिए सदैव अच्छे विचार ही अपने मन में लेकर के आएं क्योकि वही तरंगे हमारे आसपास भी फैलती हैं । इसलिए इस बात पर अटेंशन हो कि हमारे आसपास का वातावरण अच्छा बने उसके लिए सदैव सकारात्मक ही सोचें | जिससे मिलो तो ऐसे मिलो जैसे अपने परिवार का सदस्य है क्योकि सब परमात्मा शिव की संतान है। इसलिए सब आपस में भाई भाई है।
सभी के प्रति बेहद की भावना अंदर में रखो मेरे परिवार वालों का या मेरा कल्याण ही नहीं वल्कि यह भाव रखो की सबका कल्याण हो तो उसमें मैं और मेरा परिवार भी आ जायेगा।
परमपिता परमात्मा शिव बाबा सबका कल्याण करते है हम उनके बच्चे होने के नाते से हमें भी सबके प्रति कल्याण का भाव रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अध्यात्म के मार्ग में जो फाउंडेशन है वह पक्का होना चाहिए तो जीवन की यात्रा सुखद होती है। हम जो यहाँ ज्ञान सुनते है या योग (ध्यान) का अभ्यास करते है। उसे प्रैक्टिकल जीवन में अमल में लाओ तब आपको सुंदर अनुभव होंगे।
दीदी ने कहा कि एक है सुनना, दूसरा है समझना और तीसरा है स्वरूप बनना स्वरूप बनेंगे तो सभी की दुवाएं मिलेंगी।
कार्यक्रम के अंत मे बीके आदर्श दीदी ने राजयोगिनी बीके ऊषा दीदी और उनके साथ माउंट आबू से आये सभी साथियों बीके अन्नु बहन, बीके रघु भाई, बीके मुकेश भाई, बीके प्रसाद भाई, बीके प्रदीप भाई का सम्मान किया तथा सभी का आभार भी व्यक्त किया और भविष्य में भी इस तरह के आयोजन में पुनः ग्वालियर पधारने का अनुरोध भी किया।
इस अवसर पर बीके डॉ गुरचरन सिंह, बीके प्रहलाद, बीके ज्योति बहन, बीके महिमा बहन, बीके जीतू, बीके पवन, बीके लक्ष्मी, बीके अरुण, बीके सुरभि बीके रोशनी, बीके कार्तिक, बीके सौरभ, बीके विजेंद्र, बीके संजय, गजेंद्र अरोरा, राजेन्द्र अग्रवाल, संतोष बंसल, सन्तोष गुप्ता, राजेन्द्र सिंह, जगदीश मकरानी, जया लोकवानी, बीनू मकरानी, कविता पमनानी, दीपा आगीचा, नीलम मोतिरमानी, माधवी गुप्ता, आशा सिंह, राजू, पार्वती, मीरा, शिवांस, पंकज, सुरेश, राजेन्द्र सहित बीके जयोति दीदी ने कार्यक्रम का संचालन किया। तथा इस अवसर पर संस्थान से जुड़े सैकड़ों भाई एवं बहने उपस्थित रहे ।

Indraganj Lashkar
नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…
नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी
ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।



Indraganj Lashkar
राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

Indraganj Lashkar
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।






-
Indraganj Lashkar4 months ago
ब्रह्माकुमारीज़ के माधौगंज केंद्र पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन
-
Uncategorized5 months ago
एसएएफ की 14 वीं बहिनी में खुशनुमा और स्वस्थ्य जीवन शैली विषय पर कार्यक्रम आयोजित
-
Indraganj Lashkar7 months agoमीडिया कवरेज – राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर ब्रह्माकुमारीज नें किया डॉक्टर्स का सम्मान
-
Indraganj Lashkar4 months ago
तनाव प्रबंध केवल एक तकनीक नहीं बल्कि एक जीवन जीने की कला है – बीके आदर्श दीदी
-
Govindpuri (city center)7 months agoलश्कर ग्वालियर – ग्यारहवें अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ज़िला स्तरीय सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के भाई बहनें हुए शामिल
-
Indraganj Lashkar5 months agoसीआरपीएफ में रक्षाबंधन के पावन पर्व ब्रह्माकुमारी बहनों ने अधिकारी एवं जवानों को बांधी राखी
-
Indraganj Lashkar7 months agoलश्कर ग्वालियर – राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर ब्रह्माकुमारीज नें किया डॉक्टर्स का सम्मान
-
Indraganj Lashkar5 months ago
सकारात्मक चिंतन से हर समस्या का समाधान मिलता है – आदर्श दीदी (न्यूज़ कवरेज)

