Connect with us

Indraganj Lashkar

ब्रह्माकुमारीज गोल्डन वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर में हम एक बने नेक बने कार्यक्रम का आयोजन

Published

on

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मालनपुर रोड स्थित गोल्डन वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर में हम एक बने नेक बने विषय पर आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में भाई बहनों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंची ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी मुख्य संचालिका ब्रह्माकुमारीज लश्कर ग्वालियर ने अपने संबोधन में बताया कि परमात्मा का ध्यान हमको सच्ची मन की शांति देता है। व्यर्थ संकल्पों से मुक्त करता है एवं शारीरिक व्यायाम शरीर की बीमारियों से मुक्त करता है और हमें स्वस्थ बनाता है। इस प्रकार हमें आत्मा और शरीर दोनों का ही ध्यान अवश्य रखना चाहिए। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एस एल पी कॉलेज ग्वालियर के प्रिंसिपल डॉ. शत्रुघन सिंह ने बताया कि अपने जीवन में सच्ची शिक्षा प्राप्त करने का मतलब यही है कि हम शारीरिक, पारिवारिक, सामाजिक और आध्यात्मिक चारों का ही संतुलन बनाकर रखें। तभी हम जीवन की हर क्षेत्र की खुशी को प्राप्त करके समाज में सम्माननीय स्थान प्राप्त कर सकते हैं। इसीक्रम में प्रेरक वक्ता ब्रह्माकुमार प्रहलाद भाई ने अपनी ओजस्वी वक्तव्य देते हुए जीवन में चार बातें धारण करने के लिए प्रेरित किया। हमें सदा खुश रहना चाहिए, परमात्मा का ध्यान प्रतिदिन करना चाहिए, समस्याओं से घबराना नहीं चाहिए, हर पल को हमें खुशी से व्यतीत करते हुए सभी से दुवाएँ लेनी है और दुवाएँ देनी चाहिए। गोल्डन वर्ल्ड रिट्रीट सेंटर की संचालिका ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया और अनुरोध भी किया कि इसी प्रकार कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति सभी देते रहे और आने वाले वर्ष में यही संकल्प करें कि हम सभी एक रहेंगे और नेक बनेंगे। एकता में ही सुरक्षा है, शांति है, जीवन का सच्चा आनंद है। कार्यक्रम में भोपाल से ब्रह्माकुमार आशीष भाई जिन्होंने गिनीज बुक में अपने नाम दर्ज कराया हैं। कई सम्माननीय अवार्ड प्राप्त किए हैं। दांतों से पानी का जहाज, ट्रक और बस खींच कर मनोबल का चमत्कार दिखा चुके हैं। उन्होंने अपने राजयोग द्वारा असीम शक्ति कैसे प्राप्त की यह अनुभव साझा किया और कार्यक्रम के अंत में बस को दांतों से खींच कर सभी भक्तजनों का उत्साह वर्धन किया। सिंगरौली से पधारे ब्रह्माकुमार जीतू भाई ने अपने जीवन का अनुभव बताते हुए सभी को प्रेरणा दी। मंच संचालन भली भांति ब्रह्माकुमारी सृष्टि बहन ने किया और इसी कार्यक्रम में और भी कई वक्तागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के लिए सभी ने अपनी-अपनी शुभकामनाएं रखी। जिसमें मोहन लाल वर्मा, भावना, अर्चना, रेखा, अंजलि, अनामिका, सुमन, कल्पना, सरस्वती, खुशबू, महेश, संतोष आदि।

 

Indraganj Lashkar

नारायणा ई-टेक्नो स्कूल द्वारा शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय व्यक्तित्व एवं नेतृत्व विकास कार्यशाला का सफल आयोजन

Published

on

सकारात्मक सोच चुनौतियों को अवसर में बदलने का माध्यम बनती है 

 

ग्वालियर। नारायणा ई-टेक्नो स्कूल द्वारा ग्वालियर क्लस्टर के शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों के लिए एक तीन दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के व्यक्तित्व विकास, कार्यक्षमता में वृद्धि तथा सकारात्मक नेतृत्व कौशल को सुदृढ़ करना था।

कार्यशाला के दौरान प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता राजयोगी बीके प्रहलाद भाई उपस्थित थे।
कार्यशाला में बीके प्रहलाद भाई ने नेतृत्व विकास एवं आत्म-प्रबंधन विषय पर एक प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक व्याख्यान देते हुए अपने उद्बोधन में आत्म-प्रेरणा, सकारात्मक सोच, मूल्यों पर आधारित नेतृत्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षकों को व्यावहारिक जीवन में इन सिद्धांतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि आत्म-प्रेरणा व्यक्ति की आंतरिक शक्ति को जागृत करती है, जबकि सकारात्मक सोच चुनौतियों को अवसर में बदलने का माध्यम बनती है। मूल्यों पर आधारित नेतृत्व से न केवल शैक्षणिक वातावरण सुदृढ़ होता है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। वहीं उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य से संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता एवं टीम भावना का विकास होता है।

इसके साथ ही ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बी.के. आदर्श दीदी द्वारा आयोजित ध्यान सत्र ने सभी प्रतिभागियों को मानसिक शांति, एकाग्रता एवं आंतरिक संतुलन का अनुभव कराया। ध्यान के माध्यम से तनाव प्रबंधन एवं सकारात्मक ऊर्जा के संचार पर विशेष बल दिया गया।
इस तीन दिवसीय कार्यशाला में 125 शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन आनंद नगर शाखा की प्रधानाचार्या श्रीमती निधि कुलकर्णी एवं सिरोल शाखा की प्रधानाचार्या श्रीमती प्रज्ञा कस्तुरे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार की सकारात्मक एवं मूल्य-आधारित कार्यशालाओं का आयोजन करने के लिए कहा।

Continue Reading

Indraganj Lashkar

मौनी बाबा आश्रम स्थित संचालित सेवार्थ पाठशाला द्वारा आज बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से नैतिक शिक्षा, व्यवहारिक शिक्षा एवं ध्यान विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

Published

on

नैतिक मूल्य ही जीवन का आधार है

ग्वालियर। मौनी बाबा आश्रम स्थित संचालित सेवार्थ पाठशाला द्वारा आज बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से नैतिक शिक्षा, व्यवहारिक शिक्षा एवं ध्यान विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का विकास करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय से प्रेरक वक्ता एवं ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई, विशिष्ट अतिथि के रूप में एम.एल.बी. कॉलेज से प्रो. डॉ. विजय राजोरिया एवं प्रो. भारती कर्णिक, मौनी आश्रम से शिवानंद मौनी महाराज, सेवार्थ पाठशाला के संचालक ओ. पी. दीक्षित, सेवार्थ शिक्षक करण तोमर, राखी खरे उपस्थित थीं।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई ने बच्चों को ध्यान के माध्यम से एकाग्रता बढ़ाने, मन को शांत रखने एवं जीवन में श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ध्यान से बच्चों में आत्मबल बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ-साथ जीवन में भी सफल बनते हैं। उन्होंने आगे बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान के बारे में बताते हुए नैतिक मूल्यों को जीवन का आधार बताया। इसके साथ ही राजयोग ध्यान का महत्व बताते हुए सभी बच्चों को अभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम में प्रो. डॉ. विजय राजोरिया एवं प्रो. भारती कर्णिक ने बच्चों को सम्बोधित करते हुए अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व पर प्रकाश डाला। सच्चाई और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में शिवानंद मौनी महाराज ने मौन रहकर मन से ही बच्चों को शुभ भावनायें दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सेवार्थ पाठशाला के संचालक ओ. पी. दीक्षित ने कहा कि पाठशाला का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों को अच्छा इंसान बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ ध्यान अभ्यास किया और वक्ताओं के प्रेरक विचारों से लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के अंत में जिन बच्चों के साप्ताहिक टेस्ट में अच्छे मार्क्स आये उन्हें पुरस्कार भी दिया गया।
इसके साथ ही आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

 

Continue Reading

Indraganj Lashkar

हेलीपेड कॉलोनी में राजयोग ध्यान शिविर का हुआ आयोजन

Published

on

जीवन जीने की कला का सिखाता है राजयोग ध्यान

 

ग्वालियर। आज के तेज़, प्रतिस्पर्धात्मक और तनावपूर्ण जीवन में मनुष्य बाहरी सुख-सुविधाओं के बीच भी भीतर से अशांत दिखाई देता है। ऐसे समय में यदि जीवन को खुशनुमा बनाना है तो थोडा समय अपने लिए निकाले और राजयोग ध्यान का अभ्यास करें। राजयोग न केवल ध्यान की एक पद्धति है, बल्कि यह जीवन को संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्म-बल के साथ जीने की कला सिखाता है। उक्त बात प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से प्रेरक वक्ता एवं वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद भाई ने हेलीपेड कॉलोनी में आयोजित राजयोग ध्यान शिविर के दौरान कही।
उन्होंने आगे कहा कि जब व्यक्ति स्वयं को शरीर नहीं, बल्कि एक शांत, शक्तिशाली आत्मा के रूप में अनुभव करता है, तब उसके विचार, भावनाएँ और व्यवहार स्वतः ही सकारात्मक होने लगते हैं। यही सकारात्मकता आंतरिक ख़ुशी और स्थायी शांति का आधार बनती है। आज अधिकांश समस्याओं की जड़ मन की अस्थिरता, नकारात्मक सोच और भावनात्मक असंतुलन है। राजयोग ध्यान के कुछ ही मिनटों के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपने विचारों को नियंत्रित करना सीखता है, क्रोध, तनाव और भय से मुक्त होने लगता है और संबंधों में भी मधुरता आने लगती है। राजयोग ध्यान की विशेषता यह है कि इसे खुली आँखों से, दैनिक जीवन के बीच कभी भी अभ्यास किया जा सकता है। प्रहलाद भाई ने आगे कहा कि जीवन जीने की कला केवल सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि असफलताओं में भी संतुलन बनाए रखना है। राजयोग ध्यान व्यक्ति को परिस्थितियों का सामना शांत मन से करने की शक्ति देता है। इससे निर्णय क्षमता बढ़ती है, कार्यक्षमता में सुधार होता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। यह व्यक्ति को स्वयं बदलने की प्रेरणा देता है, क्योंकि जब व्यक्ति बदलता है, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।
कार्यक्रम में सभी को राजयोग ध्यान का अभ्यास भी कराया गया।
इस अवसर पर ओम प्रकाश अग्रवाल, डॉ केके तिवारी शम्भू दयाल, रमन, गिर्राज, गिरधारी, संतोष अग्रवाल, राधा, सीमा, राधिका, संगीता, गीता, अवनि, गीता तिवारी, रेखा गंडोत्रा, कंचन गाबरा, नेहा केसवानी, मंजू, सावी, निम्मी नागवानी, मोना, अंकिता सहित अनेकानेक श्रद्धालु उपस्थित थे।

Continue Reading

Brahmakumaris