Connect with us

Indraganj Lashkar

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के प्रभु उपहार भवन, माधौगंज केंद्र पर रक्तदान शिविर के आज दूसरे दिन 51 यूनिट ब्लड डोनेट हुआ।

Published

on

ग्वालियर | प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के प्रभु उपहार भवन, माधौगंज केंद्र पर रक्तदान शिविर के आज दूसरे दिन 51 यूनिट ब्लड डोनेट हुआ।
कार्यक्रम में आज मुख्य रूप से पंजाबी सेवा समिति अध्यक्ष मोहन लाल अरोरा, आरोग्य भारती पूर्व प्रान्त अध्यक्ष डॉ एसपी बत्रा, डॉ श्रीराम सविता, जेसीआई पूर्व अध्यक्ष जान्हवी रोहिरा, रोटरी सेंट्रल पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र रोहिरा, समाजसेवी गजेंद्र अरोरा, रेड क्रॉस सोसायटी ब्लड बैंक से मेडिकल ऑफिसर डॉ एस डी शर्मा, ब्लड बैंक इंचार्ज शराफत हुसैन, ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी, कार्यक्रम संयोजक बीके प्रहलाद भाई उपस्थित थे।
कार्यक्रम के शुभारंभ में बीके आदर्श दीदी नें दादी प्रकाशमणि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दादी जी 12 वर्ष की उम्र में संस्थान से जुड़ी और पूरा जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया। जिसमें 38 वर्षो तक ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रसाशिका रहीं। उनके माध्यम से पूरे विश्व नें सेवा हुई और आज भी उनकी पुण्य स्मृती में सेवा कार्य जारी है। रक्तदान से अनेकों को जीवन दान मिलता है। यह बहुत बड़ी सेवा है। जिन्होंने पिछले दो दिनों में रक्तदान किया उनके लिए बहुत दुआएं, धन्यवाद और जो कल रक्तदान करने आने वाले है उनको भी बहुत शुभकामनायें।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मोहन लाल अरोरा ने कहा कि आज हम सब रक्तदान जैसे महादान का संकल्प लेकर यहाँ उपस्थित हुए हैं। लोगों की पुरानी सोच थी कि रक्तदान करने से इंसान कमजोर हो जाता है। लेकिन यह सिर्फ एक भ्रांति थी। आज के समय में यह सोच बदल चुकी है। अब लोग स्वयं आगे बढ़कर रक्तदान करते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। रक्तदान केवल किसी ज़रूरतमंद की मदद करना ही नहीं है, बल्कि यह एक महान मानवीय कर्तव्य है।
डॉ एस पी बत्रा नें कहा कि आज विश्व प्रसिद्ध सन्यासनी दादी प्रकाशमणि बहुत बड़ी विभूति थी जिन्होंने अपना पूरा जीवन एक एक पल एक एक क्षण समाज को दिया आज उनकी स्मृती में पूरे देश में रक्तदान शिविर का आयोजन होना उनकी सकारात्मक ऊर्जा को दर्शाता है। ब्रह्माकुमारीज द्वारा जो कार्य किए जा रहे है वह अद्वितीय हैं जिसकी में कल्पना भी नहीं कर सकता।
डॉ एस डी शर्मा नें कहा कि ब्लड डोनेट करने से बहुत फायदे है। आपका नया खून बनता है, आपके ब्लड कि जाँच हो जाती है, कई सारे रोगों से बचने की क्षमता बढ़ जाती है, रक्तदान सुकून का अनुभव कराता है, सेवा भाव जाग्रत करता है। इसलिए रक्तदान करने के लिए आगे आना चाहिए।
नरेंद्र रोहिरा नें कहा कि हर एक चीज को आर्टिफिशल बनाया जा सकता है परंतु ब्लड इंसान के शरीर में ही बनता है इसीलिए रक्तदान को महादान कहा जाता है।
गजेंद्र अरोरा नें कहा कि दुनिया में कुछ ऐसा काम करके जाएं जो जाने के बाद भी हमारी स्मृतियों को याद रखा जाए। आज के समय में पचास प्रतिशत लोग ब्लड डोनेट नहीं कर पाते किसी ना किसी बीमारी के कारण इसलिए आप लोग बहुत भाग्यशाली हैं जो आप परमात्म स्थान पर ब्लड डोनेशन के लिए चुने गए।
जान्हवी रोहिरा नें कहा कि जब हम रक्तदान करते हैं तो हमारे अंदर एक पवित्र भाव उत्पन्न होता है—”मुझे भी किसी की मदद करनी है, मुझे भी रक्तदान करना है।” यही भावना हमें आत्मिक रूप से और भी मज़बूत बनाती है। मैं जब-जब ब्रह्माकुमारीज में आती हूँ, हमेशा कुछ न कुछ लेकर ही जाती हूँ। यहाँ से मुझे सकारात्मक ऊर्जा और पवित्र वाइब्रेशन मिलते हैं। इस अवसर पर डॉ श्री राम सविता एवं सराफत हुसैन नें भी अपनी शुभकामनायें रखीं।
कार्यक्रम का कुशल संचालन बीके प्रहलाद भाई नें किया।

तथा शिविर के अंत में जानकारी देते हुए बताया कि आज कुल 51 यूनिट रक्तदान हुआ। लोगों में रक्तदान करने का अच्छा उमंग उत्साह दिख रहा है पिछले दो दिनों में 153 लोगों नें ग्वालियर में रक्तदान किया उनमे से अधिकतर पहली बार रक्तदान करने वाले शामिल है।
कल 24 अगस्त रविवार को भी प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक रक्तदान रहेगा। जो भी आना चाहें सादर आमंत्रित है।

इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव नवल किशोर शुक्ला, अवध राठौर, मनोज गुर्जर, सुरेन्द्र कुशवाह, अनिल शर्मा, रिक्की रजक, अमन कुशवाहा, ब्रह्माकुमारीज केंद्र से ज्योति बहन, बीके जीतू, पंकज, पवन, सुरभि, रोशनी, शिवांश, ध्रुव, राजश्री, डॉ रिचा, विजेंद्र आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर डॉ आमोद गुप्ता, विकास जैन, अमित जैन, बीके प्रहलाद सहित आधा सैकड़ा लोगों नें ब्लड डोनेट किया।

Indraganj Lashkar

ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

Published

on

संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

Continue Reading

Indraganj Lashkar

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

Published

on

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

Continue Reading

Indraganj Lashkar

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

Published

on

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

Continue Reading

Brahmakumaris