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Indraganj Lashkar

प्रथम दिन रक्तदान मानवता की बहुत बड़ी सेवा – महापौर डॉ शोभा सिंह सिकरवार

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रक्तदान मानवता की बहुत बड़ी सेवा – महापौर डॉ शोभा सिंह सिकरवार
रक्तदान को ह म महादान कहते है इससे लोगो की जान बचती है – बीके आदर्श दीदी
ग्वालियर । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के प्रभु उपहार भवन, माधौगंज केंद्र पर तीन दिवसीय रक्तदान शिविर का शुभारम्भ हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में ग्वालियर महापौर डॉ शोभा सिंह सिकरवार, विशिष्ट अतिथि वार्ड 50 से पार्षद अनिल सांखला, चिकित्सा अधिकारी ब्लड सेंटर जयारोग्य चिकित्सालय समूह से डॉ राकेश सिंह बघेल, ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी, एनसीसी अधिकारी गजेंद्र जैन, ब्रह्माकुमारीज कार्यक्रम संयोजक बीके प्रहलाद भाई मुख्य रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
तत्पश्चात बीके आदर्श दीदी नें विशाल रक्तदान अभियान 2025 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह रक्तदान अभियान संस्थान क़ी पूर्व मुख्य प्रसाशिका दादी प्रकशमणि जी कि 18 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पूरे देश में एक साथ किया गया है। रक्तदान सबसे बड़ा दान है इससे बड़ा कोई दान नहीं। आज हम देखते है कि कई जरुरत मंद लोगों को समय पर रक्त न मिलने से वह अपनी जान गवाँ देते है। रक्तदान एक बहुत बड़ी सेवा है ब्राह्मकुमारीज के समाज सेवा प्रभाग नें पूरे देश में एक लाख यूनिट ब्लड डोनेट करने का लक्ष्य रखा है।
रक्तदान को हम “महादान” कहते हैं, क्योंकि यह दान किसी गरीब या अमीर को नहीं, बल्कि इंसान को बचाने के लिए किया जाता है। रक्त की कोई फैक्ट्री नहीं है, कोई दवा नहीं है और न ही कोई कृत्रिम विकल्प। रक्त केवल इंसान ही इंसान को दे सकता है।

कार्यक्रम में महापौर डॉ शोभा सिंह सिकरवार ने कहा कि एक व्यक्ति जब रक्तदान करता है तो वह किसी ज़रूरतमंद को जीवनदान देता है। जब हमारे अंदर इंसानियत होती है तभी हम एक दूसरे की सेवा कर सकते है। आज ब्रह्माकुमारीज़ के द्वारा दादी प्रकाशमणि जी की पुण्य स्मृति दिवस पर जो रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। यह मानवता की सेवा में बहुत बड़ा उदाहरण है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान हर तरह की सामाजिक सेवा में आगे रहती है। हम लोग भी जब संस्था में आते एक अलग ही सुकून और शांति की अनुभूति होती है। इस तरह के  संस्थान समाज मे सकारात्मकता बढ़ाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। आज इस रक्त दान शिविर के अवसर पर मुझे यहाँ आने का मौका मिला मैं सभी को इस पुनीत आयोजन की सफलता हेतु बधाई और शुभकामनाएं देती हूँ।
कार्यक्रम में पार्षद अनिल सांखला नें अपनी शुभकामनायें देते हुए कहा कि रक्त दान सभी को करना चाहिए उन्होंने कहा हम खुद लगभग 100 बार रक्तदान कर चुके है। रक्त की कीमत तब पता चलती जब हमारे अपने किसी को आवश्यकता पडती है। सभी को इस तरह के पुण्य कार्य में सहयोगी बनना चाहिए। ब्रह्माकुमारीज संस्था को साधुबाद देता हूँ जो इतना सुन्दर आयोजन संस्था के द्वारा रखा गया।
डॉ राकेश सिंह बघेल नें कहा कि एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। सोचिए, इससे बड़ा पुण्य और क्या होगा? रक्तदान करने से हमें कोई हानि नहीं होती। बल्कि वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि नियमित रक्तदान करने से शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज़ होती है, स्वास्थ्य अच्छा रहता है और हृदय रोग का खतरा भी कम होता है।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें बताया कि आज कुल 102 यूनिट ब्लड डोनेट संस्था के द्वारा किया गया। जिसमें माधौगंज प्रभु उपहार भवन में 75 यूनिट ब्लड तथा मुरार केंद्र पर 27 यूनिट ब्लड डोनेट किया गया। उन्होंने आगे कहा कि 23 और 24 अगस्त को भी माधौगंज केंद्र पर रक्तदान शिविर रहेगा। जो भी रक्तदाता रक्तदान करना चाहें वह वहां आकर कर सकते है। इस अवसर पर गजेंद्र जैन नें भी अपनी शुभकामना रखी।
वहीं मुरार हक्सर कॉलोनी केंद्र पर भी ब्लड डोनेशन का आयोजन जिला अस्पताल के सहयोग से किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पूर्व विधायक मुन्ना लाल गोयल, बीजेपी ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत, बीके ज्योति बहन, बीके सोनिया बहन उपस्थित थीं।
कार्यक्रम में मुन्नालाल गोयल और प्रेम सिंह राजपूत नें रक्तदान शिविर के लिए अपनी शुभकामनायें सभी को दीं।

इस अवसर विशेष सेवा में बीके गायत्री बहन, बीके पवन, बीके नरेश, बीके जीतू, बीके सुरभि, बीके रोशनी, बीके पंकज, राजश्री गुप्ता, डॉ ऋचा गुप्ता, नीरजा गुप्ता, शिवांश, विजेंद्र, कृष्णा, ध्रुव आदि उपस्थित थे।

 

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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