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Indraganj Lashkar

ब्रह्माकुमारीज का आठ दिवसीय अभियान संपन्न “मेरा ग्वालियर व्यसन मुक्त ग्वालियर”

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ब्रह्माकुमारीज का आठ दिवसीय अभियान संपन्न  मेरा ग्वालियर व्यसन मुक्त ग्वालियर

 

ब्रह्माकुमारीज संस्थान से प्रेरणा लेकर अन्य लोगो को भी इस समाज हितेशी कार्य में आगे आना चाहिए महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार

 

माता पिता भी बच्चो को संस्कारवान बनाए आशीष प्रताप सिंह

 

ब्रह्माकुमारीज संस्थान एक ऐसा संगठन है जो सदैव समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कार्यरत है डॉ. आर. के. एस धाकड़

 

लश्कर ग्वालियर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाऊंडेशन के मेडिकल विंग द्वारा राष्ट्रीय अभियान मेरा भारत व्यसन मुक्त भारत के अंतर्गत “मेरा ग्वालियर व्यसन मुक्त ग्वालियर” आठ दिवसीय अभियान आज पूरा हुआ | इसके साथ ही व्यसन मुक्ति के कार्यक्रम जारी रहेंगे |

 

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप से महापौर श्रीमती डॉ. शोभा सिंह सिकरवार, विशिष्ट अतिथि डॉ. आर.के.एस धाकड़ (सयुंक्त संचालक एवं अधीक्षक जयारोग चिकित्सालय), श्री आशीष प्रताप सिंह (प्रदेश कार्य समिति सदस्य भा.ज.पा.), डॉ.राहुल सप्रा (अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन), डॉ. ब्रजेश सिंघल (सेक्रेटरी,आई.एम.ए), ब्रह्माकुमारीज़ लश्कर ग्वालियर की मुख्य इंचार्ज ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी, बी.के. डॉ.गुरुचरण भाईजी और बी.के. प्रह्लाद भाई जी उपस्थित रहे |

 

कार्यक्रम की शुरुवात में सभी अतिथियों को दुपट्टा पहनाकर और तिलक लगाकर स्वागत किया |

 

कार्यक्रम में देहली से पधारी बी.के.रूपा बहन ने सभी को बताया  कि “मेरा ग्वालियर व्यसन मुक्त ग्वालियर” अभियान को करने का उद्देश्य था व्यसन के खिलाफ ज़्यादा से ज़्यादा लोगो को जागरूक करना और शहर को और देश को व्यसन मुक्त बनाना | इस आठ दिवसीय अभियान में 50 से भी अधिक स्कूल,कॉलेज, शासकीय अशासकीय संगठन, पुलिस विभाग और पब्लिक कार्यक्रम किये और बच्चों को एक नई दिशा की तरफ बढ़ने के लिए प्रेरित किया और सभी को नशे से दूर रहने के लिए शपथ भी दिलाई|

 

कार्यक्रम में बी. के. पवन और अन्य साथी बच्चो द्वारा नशा के प्रति जगुरुकता के लिए एक ड्रामा भी किया गया |

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारी श्रीमती डॉ. शोभा सिंह सिकरवार जी ने इस अभियान के प्रति शुभकामनाएं देते हुए बताया कि संस्थान समाज उत्थान के लिए बहुत ही कल्याणकारी कार्य कर रहा है | प्राचीन काल की बात की जाये तो लोग कहते थे विदेशों में इन सब चीज़ों का चलन है परन्तु आज हमारे भारत देश में भीं यह चलन बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है | जिसमे से सबसे ज्यादा युवा पीड़ी इसकी चपेट में आ रही हैं | अगर देश की युवा पीड़ी ही इस रास्ते पर चलेगी तो हमारे देश का भविष्य अंधकार में चला जायेगा | तो यह संस्था बहुत ही सराहनीय कार्य कर रही है इसलिए हम सभी को इन लोगो से प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज में जो यह बुराई फैली हुई है उसको मिटाने में इनका सहयोगी बनना चाहिए |

 

कार्यक्रम में पधारे श्री आशीष प्रताप सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि मॉडर्न युग में युवा आज दिग भ्रमित है|  नशा युवाओं के लिए आज फैशन बन गया है | जो की पूरी तरह से गलत है आज युवाओं को मैडिटेशन से जुड़ना चाहिए| जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करेगा | जैसे शरीर को भोजन की आवश्यकता होती है ठीक उसी तरह हमारे मस्तिष्क को अच्छे अध्यन की जरूरत है साहित्य की जरूरत है | माता पिता भी बच्चो को संस्कारवान बनाए और बह तभी होगा जब हम स्वयं व्यसन मुक्त हो |

 

कार्यक्रम में डॉ. आर. के. एस धाकड़ ने कहा कि जो बुरी आदते है वह समाज में जल्दी फैलती है | ब्रह्माकुमारीज संस्थान एक ऐसा संगठन है जो सदैव समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कार्यरत है | क्योकि इनलोगों के पास अध्यात्मिक शक्ति है जो हमें व्यसन मुक्त बना सकती है | इनके सहयोग से ही हम समाज की बुराई को दूर कर सकते है | वह विद्यालय भी शिक्षा देते है और ब्रह्माकुमारी विद्यालय भी समाज में फैली बुराई को ठीक करने का कार्य कर रही है | समाज के लिए कार्य करने वाले संगठन ही इन बुराइयों से छुड़ा सकते है |

 

आगे डॉ.राहुल सप्रा आज के समय में हमारे समाज की ज्वलंत समस्या व्यसन है जिसके लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना है |  नशे की लत व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमज़ोर करता है और कहीं न कहीं यह मानसिक और शारीरिक बीमारियों का भी कारण बनता है | आज अगर हमारे घर में नशा नहीं भी होता परन्तु जिस गति से यह समाज में बढ़ता जा रहा है | वह बहुत चिंता का विषय है|

 

इसीके साथ उन्होंने कहा कि व्यसन मुक्ति के साथ हमारी टीम के द्वारा सभी को बेसिक लाइफ सपोर्ट के बारे में भी बताया गया |

 

कार्यक्रम में बी.के.आदर्श दीदी जी ने बताया कि नशा आज के समय में जैसे आम समस्या हो गयी है परन्तु यह आम समस्या ही आज इस समाज के लिए बहुत हानिकारक बनती जा रही है | वर्तमान समय की बात की जाए तो दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग व्यसनों से घिरे हुए हैं | आज लोग यह सोचने लग गए हैं की नशा करने से उनका तनाव कम हो जायेगा या कुछ लोग तो अपनी वास्तविकता से बचने के लिए व्यसनों के आदि हो जाते हैं और फिर कभी उससे बाहर नहीं आ पाते जिस वजह से उनका पूरा जीवन व्यर्थ में चला जाता है |

 

तो इस समाज को व्यसन मुक्त बनाना बहुत ज़रूरी है इसलिए यह अभियान पूरे ग्वालियर और आस पास के गाँव में चलाया गया ताकि सभी लोग इस विषय को गहराई से सोचे और उस पर चिंतन करें कि व्यसन हमारे जीवन को पूरी तरह से नष्ट कर सकता है इसलिए स्वयं के साथ साथ दूसरों को भी व्यसनों से दूर रहने का रास्ता बताएं और  अपना जीवन सुखी और खुशहाल बनाएं |

इस अवसर पर डॉ. ब्रजेश सिंघल ने भी अपनी शुभकामनाएं रखीं |

 

कार्यक्रम का कुशल संचालन बी.के. डॉ.गुरुचरण भाईजी के द्वारा किया गया और आभार बी.के.प्रह्लाद भाईजी ने किया |

 


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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…

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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी

ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।

 

 

 

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