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Indraganj Lashkar

वार्ड 46, 53 और 50 के 100 से भी अधिक सफाई मित्रों का ब्रह्माकुमारीज संस्थान लश्कर ग्वालियर के द्वारा हुआ सम्मान(16.02.2022)

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वार्ड 46, 53 और 50 के 100 से भी अधिक सफाई मित्रों का ब्रह्माकुमारीज संस्थान लश्कर ग्वालियर के द्वारा हुआ सम्मान

 ग्वालियर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विधालय के स्थानीय सेवा केंद्र प्रभु उपहार भवन माधौगंज स्थित सेंटर पर आजादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर थीम के अंतर्गत ग्वालियर नगर निगम के वार्ड 46, 50 और 53 के सभी सफाई मित्रो का सम्मान किया गया |

कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्वालियर नगर निगम के, अपर आयुक्त श्री मुकुल गुप्ता जी, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर श्री एम्.एल. दोलतानी जी (पूर्व अपर आयुक्त), हेल्थ ऑफिसर भीष्म पमनानी जी, ब्रह्माकुमारीज संस्थान लश्कर की मुख्य संचालिका एवं स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी जी, ब्रांड एम्बेसडर डॉ.गुरचरण सिंह, बी.के.प्रहलाद भाई,  श्री सतेन्द्र सिंह सोलंकी (जोनल ऑफिसर), श्री अजय सिंह ठाकुर (सहा. हेल्थ ऑफिसर) वार्ड मॉनिटर श्री बी.के. गुप्ता, श्री महेश सिंह कुशवाह, श्री अमित साहू, समाजसेविका बहन नंदा शर्मा आदि मौजूद थे |

इसके आलावा कार्यक्रम में तीनों वार्डों के 100 से भी अधिक सफाई मित्र, डब्ल्यू.एच.ओ. एवं ब्रांड एम्बेसडर शामिल थे जिनका सम्मान किया गया |

कार्यक्रम के शुभारम्भ में  बी.के. प्रहलाद भाई ने सभी का स्वागत किया | तत्पश्चात

बी.के.आदर्श दीदी जी ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि सबसे ज़रूरी बात हम सभी को ध्यान में रखनी चाहिए कि अपने मन को स्वच्छ बनाएं क्योकि जब तक मन स्वच्छ नहीं होगा तब तक हमारा शहर स्वच्छ नहीं होगा | दीदीजी ने सभी सफाई मित्रों को कहा कि आप यह नहीं सोचे की ईश्वर ने आप सभी को छोटा कार्य दिया है वल्कि ईश्वर भी पूरी दुनिया को स्वच्छ बनाने में लगे हुए हैं | आज सभी मनुष्य विकारो, बुराईयों, व्यसनों में घिर गया है तो उनका कार्य है सभी को इन चीज़ों से मुक्त करना, नरक को स्वर्ग में परिवर्तन करना, सभी को सही रास्ता बताना, जिससे मनुष्य जीवन में दिव्य गुणों की अनुभूति करें | तो आप सभी मन से उस परमात्मा का धन्यवाद करें और इस नरक को स्वर्ग बनाने में उस परमात्मा का सहयोगी बनें |

एम्.एल. दोलतानी जी  ने  बताया की स्वच्छता एक ऐसा मुद्दा है जिससे हम अपने जीवन को परिवर्तन कर सकते हैं क्योकि कहते हैं जहाँ स्वच्छता होती है वहीँ ईश्वर का वास होता है | आज बाहरी स्वच्छता तो रखनी है परन्तु इसी के साथ आन्तरिक स्वच्छता रखना भी बहुत ज़रूरी है | तो आज से ये लक्ष्य रखेंगे की बाहरी स्वछता अभियान के साथ साथ अपनी बुरी आदतों को भी साफ़ करें तब ही यह सफाई अभियान पूर्ण रूप से संपन्न होगा|

अपर आयुक्त श्री मुकुल गुप्ता जी ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि तन और मन की शुद्धि के साथ साथ शहर की शुद्धि करना भी अनिवार्य है  और उन्होंने सभी सफाई मित्रों से का आभार व्यक्त करते हुए कहा की आप सभी बहुत ही अच्छा कार्य कर रहे हैं इस देश को, शहर को, गाँव को स्वच्छ बनाने में | जिस प्रकार बॉर्डर पर जवान अपनी भूमिका को बहुत अच्छी रीती निभा रहे हैं उसी प्रकार आप सभी सफाई मित्र इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में अपनी विशेष भूमिका निभा रहे हैं | तो आप सभी को हम सभी की तरफ से बहुत बहुत शुभकामनाएं की आप अपना कार्य इसी रीती से करते रहे इसी के साथ हम सभी भी ये लक्ष्य रखेंगे की आपको पूरा पूरा सहयोग देंगे और इस अभियान को सफल बनायेंगे | ब्रह्माकुमारीज संस्थान बहुत समय से स्वच्छता अभियान का कार्य कर रहा है आज जो सफाई मित्रो का सम्मान किया उसके लिए संस्थान के सभी सदस्यों को बहुत बहुत धन्यवाद |

भीष्म पमनानी जी ने कहा की स्वच्छता तो आदिकाल से चली आ रही है मगर इस अभियान में हम सभी अब जुड़े हैं | उन्होंने  गांधीजी का उदाहरण देते हुए बताया की उनके दो ही सपने थे एक आज़ादी और दूसरा स्वच्छता का तो आज़ादी तो हम सभी को मिल गयी है बस अब स्वच्छता को और अपनाना है| तो इस सम्बन्ध में आज हम सभी लोग ये पक्का करें की सभी इस कार्य में सहयोगी बनेंगे  और अपने देश को स्वच्छ बनाने में पूरी मेहनत करेंगे क्योकि देश स्वच्छ तो हम सभी स्वस्थ रह सकेंगे |

सतेन्द्र सिंह सोलंकी जी  ने कहा की हमारे सफाई मित्र इस देश को स्वच्छ बनाने में बहुत मेहनत कर रहे हैं परन्तु इनके कार्य की प्रशंसा तथा इनका सम्मान कोई नहीं करता परन्तु आज इन सभी का सम्मान एवं इनके कार्य की प्रशंसा होते देख काफी गर्व महसूस हो रहा है | साथ ही ये भी बताया की स्वच्छता अभियान में एक चीज़ शामिल करना और ज़रूरी है वह है की हमारे संकल्पों में हमारे विचारों में भी स्वच्छता लाना अनिवार्य है|

कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं आभार बी.के.डॉ.गुरचरण भाई द्वारा किया गया |

कार्यक्रम के अंत में सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई तत्पश्चात सभी को संस्थान की ओर से लगभग 100 से भी अधिक सफाई मित्रों को कम्बल भेंट कर दुपट्टा ओढाकर सम्मानित किया और भोजन के पैकेट वितरित किये एवं पदाधिकारियों और ब्रांड एम्बेसडर को चित्र भेंट कर एवं दुपट्टा ओढाकर सम्मानित किया गया |

कार्यक्रम में बी.के.ज्योति दीदी, बी.के. लक्ष्मी दीदी, बी.के. सुरभि, खुशबू, विजेंद्र, संजय, गगन, रमन, आशीष, विनोद, सुरेश, शुभम आदि उपस्थित थे |

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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