Indraganj Lashkar
द्वितीय वाहिनी वि.स.बल ग्वालियर द्वारा नशा मुक्त सेमिनार का आयोजन
नशे को ‘न’ कहें जिंदगी को हाँ – बीके प्रहलाद
नशे से किसी को कोई फायदा नहीं हो सकता – कमान्डेंट श्री राकेश कुमार सगर (IPS)
राजयोग ध्यान की युक्ति, नशे से मुक्ति – ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी
नशा नाश की जड़ है – आदर्श दीदी

ग्वालियर: द्वितीय वाहिनी वि.स.बल ग्वालियर द्वारा नशा मुक्त सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय से ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी, बीके प्रहलाद भाई व्याख्यान देने के लिए मुख्य रूप से शामिल हुए ।
कार्यक्रम में कमान्डेंट श्री राकेश कुमार सगर(आई.पी.एस), यूनिट चिकित्सक डॉ. ओ पी वर्मा, एडज्यूटेन्ट सुरेश यादव, डी.एस.पी. रजनीश भार्गव, डी.एस.पी. अजीत कुमार शाक्य भी मुख्य रूप से उपस्थित थे।






कार्यक्रम के शुभारम्भ में कमान्डेंट श्री राकेश कुमार सगर(आई.पी.एस) ने नशा मुक्ति विषय पर सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा मुक्ति की आवश्यकता आज क्यों हो रही है। क्योकि आज नशे का चलन बहुत बढ़ रहा है। कभी कभी क्या होता है कि हमारी सामान्य संरचना ऐसी होती है कि न चाहते हुए भी नशे की तरफ ले जाती है, हमारा वातावरण कैसा है, हमारी परिस्थिति कैसी है, हमारा संग कैसा है। इन सबके बीच ऐसे कारण बनते है जो व्यक्ति नशे की तरफ झुकता है कारण भले कोई भी हो लेकिन किसी भी तरह का नशा हमारे लिए लाभकारी नहीं है। आज तरह के तरह नशे की चीजों से सम्बंधित विज्ञापन दिखाए जाते है कि ऐसा करने से ऐसा होता है। जबकि वह भ्रामक होते है किसी भी तरह के नशे से किसी को कोई फायदा नहीं हो सकता। सभी अपना ध्यान रखे अपने परिवार का ध्यान रख्रे अपने जीवन का प्रबंधन ऐसा रखे जो तनाव हमारे जीवन में न हो। और नशीले पदार्थों के सेवन से भी अपने आप को बचाएं।
कार्यक्रम में यूनिट चिकित्सक डॉ. ओ पी वर्मा ने बताया कि हम क्षणिक आनंद के लिए नशे का सेवन करते है और अपने जीवन को ख़राब कर लेते है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से डोपामाइन के बारे में बताया कि यह एक प्रकार का न्यूरोट्रांसमीटर है। आपका शरीर इसे बनाता है, आपका तंत्रिका तंत्र तंत्रिका कोशिकाओं के बीच सन्देश भेजने के लिए इसका उपयोग करता है। इसलिए इसे कभी कभी रासायनिक सन्देश वाहक भी कहा जाता है। हम कैसे आनंद महसूस करते है इसमें डोपामाइन एक भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे बताया कि सभी अपना खानपान अच्छा रखे और सदा आनंद देने वाली सकारात्मक आदतों को अपने जीवन का हिस्सा बनाये।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर बीके प्रहलाद ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में नशा एक ऐसी समस्या बन गई है जिसका प्रभाव व्यक्ति, परिवार और समाज के सभी स्तरों पर दिखाई पड़ता है। आज हर नागरिक को एकजुट होकर नशा के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के साथ पूरे भारत में नशा मुक्त भारत अभियान चला रहा है। जिसके अंतर्गत लाखों लोगो को जागरूक किया जा रहा है।
बीके प्रहलाद ने आगे कहा कि जिस तरह से हमारा देश विकास कर रहा है लोगों के रहन-सहन का तरीका भी बदल गया है। अब लोगों के मन में यह धारणा हो गई है कि नशीले पदार्थ हाई सोसाइटी का फैशन है। बड़े और युवा उसी को अपने जीवन का हिस्सा मानने लगते हैं और नशीले पदार्थों का सेवन करना शुरू कर देते हैं। व्यक्ति शुरू में तो इन नशीले पदार्थों के सेवन शौक से करता है लेकिन किसी भी तरह के नशीले पदार्थों का निरंतर उपयोग उस व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक बीमारियां की तरफ धकेल देता है। और अगर यही लतें विकराल रूप ले लें तो व्यक्ति का पारिवारिक और सामाजिक जीवन भी खराब हो जाता है। फिर चाहकर भी व्यक्ति इन लतों से छुटकारा नहीं पा सकता है। लोग ऐसा मान लेते है। कि कोई भी तनाव आये तो नशा से कम कर सकते है। जबकि ऐसा नहीं है। आज कितना पैसा लोग नशे में बर्बाद कर देते है नशा कभी भी किसी का समस्या का समाधान नहीं हो सकता। आज यदि हमने नशे को अपने से दूर नहीं किया तो यह नशा हमारे जीवन को वार्बाद कर देगा। चाहे वह शराव का नशा हो, सिगरेट, बीडी, गुटखा या अन्य कोई भी, सभी नशा हमारे स्वास्थ्य के लिए और समाज के लिए हानिकारक है। यदि हम आज नशा करते है तो एक दिन नशा हम पर हाबी हो जाता है। समय रहते हम सबको अपने आपको नशे से दूर रखना है और अपने समाज को अच्छा बनाना है। यह हम सबकी नैतिक जिम्मेबारी है। आज हम देखते है कि भारत में प्रतिदिन हजारों लोग नशे की बजह से दम तोड़ देते है।
उन्होंने आगे कहा कि नशे को कम करने के लिए अपने अन्दर अच्छी आदतों को डाले जैसे
व्यायाम करे,
योगाभ्यास करे,
ध्यान करे,
संगीत सुने,
कोई आउट डोर खेल खेले आदि आदि|
जब हमारा ध्यान अच्छी आदतों की तरफ होता है तो बुरी आदतें स्वतः ही समाप्त हो जाती है। इसके साथ ही चेतन, अवचेतन और अचेतन मन के बारे में भी सभी को बताया।
कार्यक्रम में बीके आदर्श दीदी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा मुक्त भारत बनाने के लिए सभी के सहयोग और संगठन से एक समर्पित प्रयास की आवश्यकता है। हमें नशे के प्रति खुद भी जागुरुक रहना चाहिए और अपने घरों में बच्चों को नशे के प्रति जागरूक करना चाहिए तथा उन्हें इससे होने वाले नुकसान के बारे में भी अवगत कराना चाहिए। ताकि स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकें। इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि नशीले पदार्थों का सेवन आज की सोसाइटी में बड़प्पन का सूचक बन गया है, लेकिन हमें इस बात को समझना होगा कि यह लत कभी भी हमारा भला नहीं कर सकती है। नशा नाश की जड़ है। समाज में सभी को नशा मुक्ति के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखना होगा। तभी यह समाज नशा मुक्त बन पाएगा।
दीदी ने कहा कि राजयोग ध्यान की युक्ति नशे से मुक्ति अर्थात सभी को राजयोग ध्यान से होने वाले फायदे बताये साथ ही उसकी विधि बताते हुए सभी को राजयोग ध्यान का अभ्यास भी कराया। जो नशा छोड़ने में हमारी मदद करेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार डी.एस.पी. रजनीश भार्गव ने किया तथा कार्यक्रम का संचालन सुरेश यादव (एडज्यूटेंट) ने किया।
इस अवसर पर निरीक्षक नरेन्द्र सिंह कुशवाह, कोर्डिनेटर जी.आर. त्यागी सहित दो सैकड़ा से अधिक पुलिस के सीनियर जवान उपस्थित थे। साथ ही ब्रह्माकुमारीज से बीके रोशनी एवं बीके पवन भी उपस्थित रहे।



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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…
नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी
ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।



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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।






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सकारात्मक चिंतन से हर समस्या का समाधान मिलता है – आदर्श दीदी (न्यूज़ कवरेज)

