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Indraganj Lashkar

CAIT ग्वालियर के पदाधिकारियों के लिए स्नेहमिलन एवं सम्मान समारोह का कार्यक्रम

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ब्रह्माकुमारीज़ के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग द्वारा CAIT ग्वालियर के पदाधिकारियों के लिए स्नेहमिलन एवं सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित 

ख़ुशी का रिमोट कंट्रोल स्वयं के पास रखे तब जीवन जीने का आनंद ही कुछ और है – ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी

लश्कर ग्वालियर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एज्युकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग द्वारा कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ग्वालियर के पदाधिकारियों के लिए स्नेहमिलन एवं सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया |

कार्यक्रम में मुख्य रूप से कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ग्वालियर के अध्यक्ष श्री दीपक पमनानी, संयुक्त अध्यक्ष श्री मुकेश जैन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री गोपाल जैसवाल, महामंत्री श्री मनोज चौरसिया, ब्रह्माकुमारीज लश्कर केंद्र प्रभारी बी.के. आदर्श दीदी, बी के डॉ. गुरचरण भाई और बी के प्रहलाद उपस्थित थे |

इस अवसर पर CAIT  के उपाध्यक्ष श्री जे.सी गोयल, श्री मयूर गर्ग, सयुंक्त सचिव श्री अमित अरोरा, आंकेक्षक श्री हरि ओम चौरसिया, प्रवक्ता श्री नीरज चौरसिया, श्री अंशुल गुप्ता, सोशल मीडिया प्रभारी श्री प्रतीक अग्रवाल एवं कार्यसमिति सदस्य श्री अजय चोपड़ा, श्री आकाश जैन, श्री मनोज अग्रवाल, श्री नितिन गोयल, श्री तालिब खान, कार्यकारिणी सदय श्री दिनेश कुमार बंसल, श्री राजेंद्र मल्होत्रा, श्रीमती साधना शांडिल्य,  प्रिया दास सहित अन्य लोग उपस्थित थे |

कार्यक्रम की शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ । तत्पश्चात ब्रह्माकुमार डॉ. गुरचरण भाई ने सभी का स्वागत अभिनंदन किया, साथ ही संस्था का परिचय देते हुए संस्था के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर हो रही गतिविधियों को विस्तार से बताया और ब्रह्माकुमारीज़ के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग के द्वारा हो रही सेवाओं पर भी प्रकाश डाला। और कही कि संस्था विभिन्न प्रभागों के माध्यम से समाज के हर वर्ग की सेवा में तत्पर है | व्यापार एवं उद्योग प्रभाग पूरे भारत में व्यापारियों के आन्तरिक विकास के लिए कार्य करता है | उसी के अंतर्गत आज यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है |

कार्यक्रम में मनोज चौरसिया ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब हम अपने लिए या अपने परिवार के लिए काम करते हैं तो वह हमारी जिम्मादारी है या कहिए की वह हमारा फर्ज है परंतु आज मैं यहाँ उपस्थित हर एक व्यक्ति से यह कहना चाहूंगा की इस भाग दौड़ भरे जीवन में एक महत्वपूर्ण फर्ज है जो हम सभी अक्सर भूल जाते हैं और वह जिम्मेवारी है हमारे समाज के प्रति । जब हम कुछ अच्छा करते है तो अपने आप ही आंतरिक खुशी और शांति महसूस होने लगती है और कहीं न कहीं हम दुआओं के हकदार भी बनते हैं। ब्रह्माकुमारीज संस्थान भी एक ऐसा ही संस्थान है जो सदैव लोगो की भलाई के लिए कार्यरत है |

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी जी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सृष्टि एक रंगमंच है और हम सभी अभिनयकर्ता हम सभी को सुंदर रीति से अपना अपना रोल प्ले  करना चाहिए |  देखो सबको चलो सबके साथ परंतु किसी भी बात में स्वयं को अटकाना नही है, स्वयं को डिटैच रखना है । तब ही अच्छे से अच्छा रोल निभाने में सक्षम होंगे। आज कहीं न कहीं हमारी खुशी, शांति दूसरो पर निर्भर हो गई है कि यह खुश रहेंगे तो मैं खुश हूं, ये मेरे हिसाब से चलेंगे तो मैं खुश हूं या परिस्थिति मेरे अनुकूल है तो मैं खुश हूं तो रिमोट कंट्रोल दूसरो को थमा दिया है इसलिए आज मानसिक बीमारियां इतनी तेज़ी से बढ़ती जा रहीं है तो आज से सभी पक्का करें कि ख़ुशी का रिमोट कंट्रोल स्वयं के पास रखेंगे| ऐसा करने पर जीवन जीने का आनंद ही कुछ और है ।

आगे श्री गोपाल जैसवाल ने बताया कि इस संस्था का जैसा नाम है यह लोग वैसा ही कार्य कर रहे हैं । आज मेडिटेशन हर एक के जीवन में महत्व रखता है यह हमारी एकाग्रता को, हमारे आत्म बल को बढ़ाता है तो ब्रह्माकुमारीज संस्था जो कार्य कर रही है वो बहुत ही सराहनीय है ।

कार्यक्रम में श्री मुकेश जैन ने कहा कि आध्यात्म का क्षेत्र कहीं भी हो वहां एक अलग ही प्रकार का सुकून और शांति का अनुभव होता है । ब्रह्माकुमारीज संस्था में जो पढ़ाया या समझाया जाता है अगर उसमे से कुछ शब्द भी हम अपने जीवन में उतार ले तो निश्चित ही हमको सदगति प्राप्त हो जायेगी । यह संस्था कई सारे प्रभागों के लिए कार्य करती है और उसमे भी मानव सेवा के हित के लिए यह लोग विशेष रूप से काम करते हैं।

श्री दीपक पमनानी ने सबसे पहले सभी का धन्यवाद किया और कहा कि संस्था का जो व्यापार और उद्योग प्रभाग है उसके सहयोग से कैट टीम के लिए कुछ न कुछ मेडिटेशन ध्यान के सत्र के आयोजन नियमित रूप से करने का प्रयास करेंगे| क्योंकि आज मेडिटेशन की सबसे ज्यादा जरूरत हम व्यापारियों को ही है ।

कार्यक्रम के अंत में आदरणीय दीदी जी के द्वारा कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ग्वालियर के सभी पदाधिकारियों को दुप्पटा ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह और ईश्वरीय सौगात, प्रसाद देकर सम्मानित किया गया ।

कार्यक्रम का कुशल संचालन एवं आभार ब्रह्माकुमार प्रहलाद भाई के द्वारा किया ।

 

 

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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