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Indraganj Lashkar

नशा शारीरिक और आर्थिक पतन की ओर ले जाता है – डॉ. बनारसी भाई माउंट आबू (04-12-2022)

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नशा शारीरिक और आर्थिक पतन की ओर ले जाता है – डॉ. बनारसी भाई माउंट आबू

विकृत सोच का परिणाम है नशा – डॉ. प्रताप मिड्ढा माउंट आबू

लश्कर ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की भगिनी संस्था राजयोग एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के द्वारा राष्ट्रीय अभियान मेरा भारत व्यसन मुक्त भारत  के अंतर्गत “मेरा ग्वालियर व्यसन मुक्त ग्वालियर”  अभियान का  शुभारम्भ  रविवार 04 दिसंबर 2022 के श्री शीतला सहाय सभागार में हुआ।

यह कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज़ मेडिकल विंग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं कैंसर हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के सयुंक्त तत्वाधान में हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से माउंट आबू से बी.के. डॉ. प्रताप भाई जी (डायरेक्टर ग्लोबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर माउंट आबू एवं वाइस प्रेसिडेंट  मेडिकल विंग), बी.के. डॉ. बनारसीलाल भाईजी (सेक्रेटरी मेडिकल विंग ब्रह्माकुमारीज़ माउंट आबू), बी.के. डॉ. गोमती अग्रवाल, बी.के. रंजू , बी. के. मनीषा बहन (माउंट आबू),  डॉ. राहुल सप्रा(अध्यक्ष IMA), डॉ. ब्रजेश सिंघल(सेक्रेटरी IMA), मेंटल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय लहारिया, कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक श्री बी आर श्रीवास्तव, डॉ अजीत सिंह (डायरेक्ट बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च ग्वा.) श्री कमल मखीजनी (पूर्व जिलाध्यक्ष भा.ज.पा.) ब्रह्माकुमारीज़ लश्कर सेवाकेंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी, बी.के. डॉ. गुरचरण सिंह और ब्रह्माकुमार प्रह्लाद भाई उपस्थित रहे ।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ ।

तत्पश्चात डॉ. राहुल सप्रा ने सभी को स्वागत उद्बोधन दिया और कहा कि राजयोग मेडिटेशन से दुनिया में शांति स्थापित करने का बहुत श्रेष्ठ कार्य यह बहनें कर रहीं हैं। समाज में आज ऐसे कार्यों की जरूरत है। ये बहनें देश के साथ विदेश में भी हमारी भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रचार-प्रसार करने का कार्य कर रही हैं।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन इस अभियान के जुड़कर हर कार्यक्रम में ग्वालियर क्षेत्र में सभी को बेसिक लाइफ सपोर्ट की ट्रेनिंग देगी साथ ही व्यसन मुक्त अभियान में पूरी तरह से सहयोग बनेगें।

 कार्यक्रम  में डॉ. गोमती अग्रवाल सभी को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान समाज में व्यसनमुक्ति जनजागृति का अभियान चला रही है जो समय की जरूरत है।

डॉ. बी.आर श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग नशा करते है उन्हें पता है कि यह हमारे लिए नुकसान दायक है फिर भी वह करते है क्योंकि कई लोग इसे स्टेटस सिंबल मानते है।

उन्होंने एक व्यक्ति का उदाहरण देकर बताया कि कैसे उसके बच्चे ने नशा छोड़ने में उसकी मदद की।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पहले 60 वर्ष से ऊपर की उम्र के व्यक्ति मुख के कैंसर का इलाज कराने आते थे। लेकिन आज 30 वर्ष के व्यक्ति को भी मुख का कैंसर हो जाता है। उसका कारण है कि आज छोटी उम्र के बच्चे सुपारी का सेवन करते है बाद ने वही उनकी आदत बन जाती है। मुझे विश्वास है कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था जो प्रयास कर रही है उसका रिजल्ट बहुत अच्छा होगा।

कार्यक्रम में माउंट आबू से मेडिकल विंग के सेक्रेटरी बी.के. डॉ. बनारसी भाई  ने कहा कि वर्ष 1985 में ब्रह्माकुमारीज द्वारा मेडिकल विंग की नींव रखी गई थी। तब से लेकर मेडिकल विंग समाज की सेवा में समर्पित है। इन वर्षों में मेडिकल क्षेत्र में आध्यात्मिकता और स्वास्थ्य को लेकर कई प्रयोग भी किए हैं जो सफल रहे हैं एवं इनसे कई लोगों की गंभीर बीमारियां ठीक हुई हैं। एक कैड प्रोग्राम हार्ट रोगियों के लिए शुरू किया गया है। इसके तहत प्रशिक्षण लेकर अब तक करीब 8 हजार हृदय रोगी राजयोग मेडिटेशन, नियमित व्यायाम और संतुलित दिनचर्या को अपनाकर पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। इसके अलावा विंग द्वारा नशामुक्ति, हेल्थफेयर जैसे कई प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं। मेडिकल विंग द्वारा चलाए गए विभिन्न अभियानों से प्रेरणा लेकर अब तक 12 लाख से अधिक लोग नशामुक्त हो चुके हैं जो संस्थान के लिए गौरव की बात है।

व्यसन न केवल व्यक्ति को बल्कि पूरे समाज को आर्थिक, शारीरिक रूप से पतन की ओर ले जाता है। इससे हमें हर हाल में अपने को बचाना है | ऐसे नेक कार्यों में हम सभी को आगे आना होगा।

मेन्टल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ संजय लहारिया ने इस अभियान को एक आंदोलन के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि हमें हमारे अंदर विद्यमान सभी विकृति से मुक्ति पानी ही है। तो इसमें आध्यात्म हमें बहुत मदद करेगा क्योकि आध्यात्म का ज्ञान हमें खुद से जोड़ता है।

ब्रह्माकुमारीज द्वारा समाज में उत्कृष्ट कार्य किए जा रहे हैं। लोगों को नेक राह पर चलने का संदेश दिया जा रहा है। ऐसे अभियानों से लोगों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है। मुझे खुशी है कि इस तरह के अभियान में मुझे शामिल किया । मैं हर तरह से सहयोगी रहूंगा।

ब्रह्माकुमारीज़ आदर्श दीदी ने सभी को अभियान से संबंधित सभी जानकारियों से अवगत कराते हुए कहा कि यह अभियान एक सप्ताह में 50 से भी अधिक कार्यक्रम स्कूल, कॉलेज, शासकीय,अशासकीय संस्थाओं, बस्ती, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में कार्यक्रम होंगे साथ ही एक व्यसन मुक्ति की प्रदर्शनी का एक गाड़ी तैयार की है जिससे अनेको को संदेश मिलेगा।

 डॉ. प्रताप मिड्ढा (डारेक्टर ग्लोबल हॉस्पिटल माउंट आबू)  ने व्यसन से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में बताया कि नशा और कुछ नहीं हमारी नकारात्मक सोच का ही परिणाम है। नशे की शुरुआत हमारे गलत विचारों, नकारात्मक विचारों, विकृत सोच से ही शुरु होती है। किसी भी तरह का नशा करने के बाद कुछ समय के लिए हमारे माइंड में जो संदेशवाहक कोशिकाएं हैं वह शांत हो जाती हैं, अपना संदेश देना माइंड को बंद कर देती हैं और हमें लगता है कि नशे से हमें आनंद आ रहा है। जबकि हकीकत ये है कि इससे हमारी माइंड की पावर ही कम होती है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राजयोग मन के लिए एक औषधि की तरह है ।

डॉ अजीत सिंह ने कहा कि हम शुरुआत अपने घर से करें कि हम अपने परिवार के सदस्यों किसी भी हालत में नशा नही करने देंगे।

इस अवसर पर कमल मखीजानी सहित सभी वक्तओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के अंत मे माउंट आबू से पधारी बी.के. मनीषा बहन ने सभी को राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया।

इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

मंच का कुशल संचालन बी.के. डॉ गुरचरण भाई के द्वारा किया गया तथा आभार डॉ. ब्रजेश सिंघल ने किया।

कार्यक्रम में बी.के. जीतू, बी.के. पवन, बी.के.सौरभ, बी.के. विजेंद्र सहित अनेकानेक  सेवाधारी उपस्थित रहे।

 

 

RIGHT TO LEFT  – ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी, डॉ. राहुल सप्रा(अध्यक्ष IMA), बी.के. डॉ. बनारसीलाल भाईजी, कैंसर हॉस्पिटल के निदेशक श्री बी आर श्रीवास्तव, मेंटल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय लहारिया, श्री कमल मखीजनी (पूर्व जिलाध्यक्ष भा.ज.पा.), बी.के. डॉ. प्रताप भाई जी, डॉ. ब्रजेश सिंघल(सेक्रेटरी IMA)


दीप प्रज्ज्वलन करते हुए ग्रुप फोटो


बी.के. डॉ. गुरचरण सिंह 


डॉ. राहुल सप्रा(अध्यक्ष IMA)


बी.के. डॉ. बनारसीलाल भाईजी 


बी.के. डॉ. प्रताप भाई जी


श्री कमल मखीजनी जी (पूर्व जिलाध्यक्ष भा.ज.पा.)


मेंटल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. संजय लहारिया


 श्री बी आर श्रीवास्तव (कैंसर हॉस्पिटल निदेशक)


बी.के. डॉ. गोमती अग्रवाल


डॉ. ब्रजेश सिंघल(सेक्रेटरी IMA)

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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