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इंटरनेट सेफ्टी डे के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाईन कार्यक्रम (09.02.2022)

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इंटरनेट सेफ्टी डे के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाईन कार्यक्रम

ग्वालियर:  आई टी विंग राजयोग एजुकेशन और रिसर्च फाउंडेशन और ब्रह्मा कुमारीज ग्वालियर के संयुक्त तत्वाधान में आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत डिजिटल इंडिया टू डिवाइन इंडिया अभियान के तहत “आपकी सुरक्षा में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम” नामक एक ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें राज्य साइबर पुलिस के कॉन्स्टेबल श्री पुष्पेंद्र सिंह यादव, वेेेब साईट और ग्राफ़िक डिज़ाइनर श्री अजय धमानिया जी, राजयोग शिक्षक बी के डॉ गुरचरन सिंह और सेवाकेंद्र प्रभारी बी के आदर्श दीदी जी ने भाग लिया । कार्यक्रम जानकारी देते हुए पुष्पेंद्र सिंह यादव जी ने कहा कि मैं आभार व्यक्त करता हूँ ब्रह्मा कुमारीज ग्वालियर का जिन्होंने साइबर क्राइम का टॉपिक हम लोगों के बीच में रखा है क्योंकि आजकल हम सबसे ज्यादा साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं । हर आदमी एक न एक बार लाइफ़ में ऐसा कुछ कर लेता है जैसे कि व्हाट्सएप पर कोई अभद्र भाषा का प्रयोग या ऐसा कोई कमेंट करना या अपनी डीपी पर कुछ इस टाइप का वीडियो या फोटो पिक लगा लेना, इस तरीके छोटे-छोटे क्राइम या आप कभी भी कोई भी नेता को आपत्तिजनक शब्द बोल देते, यह सब साइबर क्राइम में आता है । बड़ी विडंबना है कि आज हमारा देश साइबर क्राइम में तीसरे नंबर पर, तो हम सभी को इससे सावधान रहना है । इस साइबर  क्राइम से बचा कैसे जा सकता है, तो कुछ बातों का हमें ध्यान रखना है जैसे कि –

1- सोशल मीडिया में बिगर अनुमति कभी भी किसी की भी पिक नहीं लगानी है।

2- आजकल आप लोगों ने तो देखा होगा कि सबसे ज्यादा साइबरक्राइम चल रहा है कि आपकी फेक आईडी बना ली गई है लोगों से पैसे मांग रहे हैं । इसके लिए आपके फेसबुक आईडी की फ्रेंड लिस्ट को हमेशा है सभी लोग उसको ओन्ली मी सेटिंग करके रखें ताकि हमारी फ्रेंड को कोई देख नहीं पाए।3- अपनी प्रोफाइल पिक को लॉक कर के रखें और प्रोफाइल गॉर्ड ऑन कर के रखें ।

4- किसी भी अनजान व्यक्ति से मित्रता ना करें और उनसे कुछ भी साझा न करें न ही उन्हें वीडियो कॉल की अनुमति दें ।

5- व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ भी आपत्तिजनक पोस्ट शेयर न करें । अगर आप किसी ग्रुप के एडमिन हैं और इस प्रकार की पोस्ट किसी ने डाली है तो उसे डिलीट करें और उस व्यक्ति को सावधान करें या उसे डिलीट करें ।

6- कोई भी अनजान साइट की कूकीज़ परमिशन को स्वीकार न करें इससे आपके डाटा को खतरा हो सकता है ।

7- एक और बात का ध्यान रखना है जिसके बारे में बहुत लोगों को जानकारी नहीं है वो है इस प्रकार के एप्प या ऐड जिसमे हमारी किसी सेलिब्रिटी या जानवर से समानता या भविष्य में हम कैसे दिखेंगे, इस सभी से हमे सावधान रहना है या यूं कहें कि दूर रहना है ।

8- बैंक फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी ऐसे लिंक से सावधान रहना है जिसमें किसी भी प्रकार का लालच देकर हमसे हमारी जानकारी मांगी जा रही हो, कुछ पैसे भेज कर फिर हमसे पैसे मांगे जा रहे हों, या क्यू आर कोड भेज कर बोला जा रहा हो कि आप इसे स्कैन करें मैने आपको पेमेंट किया है ।

9- कोई भी पेमेंट वाली ऐप्प या वॉलेट इस्तेमाल करने से पहले उसको जान लीजिए । साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति से कोई भी लेनदेन न करें जैसे कि कोई भी डिस्काउंटेड रेट पर मिल रहे सामान को अनजान साइट्स से न खरीदें इससे आपका पेमेंट डेटा लीक हो सकता है ।

10- नेट बैंकिंग करते समय उस पर आने वाले किसी भी ऐड पर क्लिक न करें ।

अजय धमनिया जी ने जानकारी देते हुए कहा कि-

1- जैसे हम मछली को पकड़ने के लिए जाल डालते हैं उसमें आटा लगा होता है इसी प्रकार से हमें फ़साने के लिए पेमेंट ऍप्स या ईमेल पर फेक आईडी बनाकर हमें गुमराह किया जाता है जिसे हम फिस्कल लिंक कहते हैं । इसमे कई प्रकार प्रलोभन या आफर देकर हमसे हमारी जानकारी ले ली जाती है जिससे हमें सावधान रहना है ।

2- साथ साथ हमें अपनी साइट्स के लिए स्ट्रांग अल्फा न्यूमेरिक पासवर्ड रखना है जिसे हमें समय प्रति समय बदलते रहना है ।

3- स्ट्रांग और सुरक्षित एंटीवायरस का इस्तेमाल करना है ।

बी के डॉ गुरचरन सिंह ने कहा कि जिस प्रकार समय परिवर्तन हो रहा है इसी प्रकार से हमें समय अनुसार बाह्य दुनिया में सेफ इंटरनेट के उपाय ध्यान में रखते हुए अपने आंतरिक जगत की सेफ्टी के लिए भी ध्यान देना चाहिए-

1- अपनी पर्सनल जानकारी को अपने तक रखना और सिमित रखना है । जिसकी शेयरिंग सिर्फ और सिर्फ पिता परमात्मा से करनी है ।

2- प्राइवेसी सेटिंग को हमेशा ऑन रखना है । कहने का तात्पर्य ऐसा न हो कि हम भावुक होकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी लीक कर दें ।

3- सुरक्षित ब्राऊज़िंग करनी है तात्पर्य अगर मुझे सकारात्मक रहना है तो मुझे क्या देखना है, क्या सुनना है किस प्रकार की जानकारी एकत्रित करनी है इस पर अपना ध्यान रखना है ।

4- सुरक्षित इंटरनेट कनेक्शन को इस्तेमाल करना है यानी पब्लिक फ्री इंटरनेट कनेक्शन से बचना है अर्थात मुझे पिता परमात्मा से सुरक्षित कनेक्शन का ही इस्तेमाल करना है ।

5- सावधानी के साथ सोच समझ के डाऊनलोड करना है अर्थात व्यर्थ की बातों को छोड़ मुझे पिता परमात्मा से ज्ञान गुण शक्तियों को डाऊनलोड करना है ।

6- सुरक्षित साइट्स से ही खरीददारी करनी है अर्थात हमे ध्यान रखना है कि हम क्या और कहाँ से प्राप्ति कर रहे हैं क्योंकि आज के जमाने में आध्यात्मिकता में भी असली के समान नकली भी मिलता है ।

7- क्या पोस्ट करना है इसका भी हमें ध्यान रखना है अर्थात इस जगत में हमारे कर्म हमारी पोस्ट्स हैं जिसे बड़े ध्यान देकर करना है ।

कार्यक्रम के अंत में सेवाकेंद्र प्रभारी बी के आदर्श दीदी जी ने कहा कि आज के समय मे हमे बच्चों के पालक होने के नाते इस बात पर विशेष ध्यान देना है कि हमारे बच्चे इंटरनेट के असुरक्षित इस्तेमाल से बचे रहें । अपनी सकारत्मक सोच से जहाँ स्वयं सुरक्षित रहना है वहीं दूसरों को भी रखना है । हमे अपने आप को पिता परमात्मा की याद से शक्तिशाली और खुशनुमा बना कर साधनों को निमित्त मात्र इस्तेमाल करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की साधना में मग्न रहना है । आपने अंत में सबको राजयोग का अभ्यास कर सबको शुभकानाएं देते हुए ईश्वरीय निमंत्रण भी दिया कि सभी को राजयोग शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक बार सेवाकेंद्र पर अवश्य पधारना चाहिए।

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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…

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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी

ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।

 

 

 

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