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Indraganj Lashkar

इंटरनेट सेफ्टी डे के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाईन कार्यक्रम (09.02.2022)

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इंटरनेट सेफ्टी डे के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाईन कार्यक्रम

ग्वालियर:  आई टी विंग राजयोग एजुकेशन और रिसर्च फाउंडेशन और ब्रह्मा कुमारीज ग्वालियर के संयुक्त तत्वाधान में आज़ादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत डिजिटल इंडिया टू डिवाइन इंडिया अभियान के तहत “आपकी सुरक्षा में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम” नामक एक ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें राज्य साइबर पुलिस के कॉन्स्टेबल श्री पुष्पेंद्र सिंह यादव, वेेेब साईट और ग्राफ़िक डिज़ाइनर श्री अजय धमानिया जी, राजयोग शिक्षक बी के डॉ गुरचरन सिंह और सेवाकेंद्र प्रभारी बी के आदर्श दीदी जी ने भाग लिया । कार्यक्रम जानकारी देते हुए पुष्पेंद्र सिंह यादव जी ने कहा कि मैं आभार व्यक्त करता हूँ ब्रह्मा कुमारीज ग्वालियर का जिन्होंने साइबर क्राइम का टॉपिक हम लोगों के बीच में रखा है क्योंकि आजकल हम सबसे ज्यादा साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं । हर आदमी एक न एक बार लाइफ़ में ऐसा कुछ कर लेता है जैसे कि व्हाट्सएप पर कोई अभद्र भाषा का प्रयोग या ऐसा कोई कमेंट करना या अपनी डीपी पर कुछ इस टाइप का वीडियो या फोटो पिक लगा लेना, इस तरीके छोटे-छोटे क्राइम या आप कभी भी कोई भी नेता को आपत्तिजनक शब्द बोल देते, यह सब साइबर क्राइम में आता है । बड़ी विडंबना है कि आज हमारा देश साइबर क्राइम में तीसरे नंबर पर, तो हम सभी को इससे सावधान रहना है । इस साइबर  क्राइम से बचा कैसे जा सकता है, तो कुछ बातों का हमें ध्यान रखना है जैसे कि –

1- सोशल मीडिया में बिगर अनुमति कभी भी किसी की भी पिक नहीं लगानी है।

2- आजकल आप लोगों ने तो देखा होगा कि सबसे ज्यादा साइबरक्राइम चल रहा है कि आपकी फेक आईडी बना ली गई है लोगों से पैसे मांग रहे हैं । इसके लिए आपके फेसबुक आईडी की फ्रेंड लिस्ट को हमेशा है सभी लोग उसको ओन्ली मी सेटिंग करके रखें ताकि हमारी फ्रेंड को कोई देख नहीं पाए।3- अपनी प्रोफाइल पिक को लॉक कर के रखें और प्रोफाइल गॉर्ड ऑन कर के रखें ।

4- किसी भी अनजान व्यक्ति से मित्रता ना करें और उनसे कुछ भी साझा न करें न ही उन्हें वीडियो कॉल की अनुमति दें ।

5- व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ भी आपत्तिजनक पोस्ट शेयर न करें । अगर आप किसी ग्रुप के एडमिन हैं और इस प्रकार की पोस्ट किसी ने डाली है तो उसे डिलीट करें और उस व्यक्ति को सावधान करें या उसे डिलीट करें ।

6- कोई भी अनजान साइट की कूकीज़ परमिशन को स्वीकार न करें इससे आपके डाटा को खतरा हो सकता है ।

7- एक और बात का ध्यान रखना है जिसके बारे में बहुत लोगों को जानकारी नहीं है वो है इस प्रकार के एप्प या ऐड जिसमे हमारी किसी सेलिब्रिटी या जानवर से समानता या भविष्य में हम कैसे दिखेंगे, इस सभी से हमे सावधान रहना है या यूं कहें कि दूर रहना है ।

8- बैंक फ्रॉड से बचने के लिए किसी भी ऐसे लिंक से सावधान रहना है जिसमें किसी भी प्रकार का लालच देकर हमसे हमारी जानकारी मांगी जा रही हो, कुछ पैसे भेज कर फिर हमसे पैसे मांगे जा रहे हों, या क्यू आर कोड भेज कर बोला जा रहा हो कि आप इसे स्कैन करें मैने आपको पेमेंट किया है ।

9- कोई भी पेमेंट वाली ऐप्प या वॉलेट इस्तेमाल करने से पहले उसको जान लीजिए । साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति से कोई भी लेनदेन न करें जैसे कि कोई भी डिस्काउंटेड रेट पर मिल रहे सामान को अनजान साइट्स से न खरीदें इससे आपका पेमेंट डेटा लीक हो सकता है ।

10- नेट बैंकिंग करते समय उस पर आने वाले किसी भी ऐड पर क्लिक न करें ।

अजय धमनिया जी ने जानकारी देते हुए कहा कि-

1- जैसे हम मछली को पकड़ने के लिए जाल डालते हैं उसमें आटा लगा होता है इसी प्रकार से हमें फ़साने के लिए पेमेंट ऍप्स या ईमेल पर फेक आईडी बनाकर हमें गुमराह किया जाता है जिसे हम फिस्कल लिंक कहते हैं । इसमे कई प्रकार प्रलोभन या आफर देकर हमसे हमारी जानकारी ले ली जाती है जिससे हमें सावधान रहना है ।

2- साथ साथ हमें अपनी साइट्स के लिए स्ट्रांग अल्फा न्यूमेरिक पासवर्ड रखना है जिसे हमें समय प्रति समय बदलते रहना है ।

3- स्ट्रांग और सुरक्षित एंटीवायरस का इस्तेमाल करना है ।

बी के डॉ गुरचरन सिंह ने कहा कि जिस प्रकार समय परिवर्तन हो रहा है इसी प्रकार से हमें समय अनुसार बाह्य दुनिया में सेफ इंटरनेट के उपाय ध्यान में रखते हुए अपने आंतरिक जगत की सेफ्टी के लिए भी ध्यान देना चाहिए-

1- अपनी पर्सनल जानकारी को अपने तक रखना और सिमित रखना है । जिसकी शेयरिंग सिर्फ और सिर्फ पिता परमात्मा से करनी है ।

2- प्राइवेसी सेटिंग को हमेशा ऑन रखना है । कहने का तात्पर्य ऐसा न हो कि हम भावुक होकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी लीक कर दें ।

3- सुरक्षित ब्राऊज़िंग करनी है तात्पर्य अगर मुझे सकारात्मक रहना है तो मुझे क्या देखना है, क्या सुनना है किस प्रकार की जानकारी एकत्रित करनी है इस पर अपना ध्यान रखना है ।

4- सुरक्षित इंटरनेट कनेक्शन को इस्तेमाल करना है यानी पब्लिक फ्री इंटरनेट कनेक्शन से बचना है अर्थात मुझे पिता परमात्मा से सुरक्षित कनेक्शन का ही इस्तेमाल करना है ।

5- सावधानी के साथ सोच समझ के डाऊनलोड करना है अर्थात व्यर्थ की बातों को छोड़ मुझे पिता परमात्मा से ज्ञान गुण शक्तियों को डाऊनलोड करना है ।

6- सुरक्षित साइट्स से ही खरीददारी करनी है अर्थात हमे ध्यान रखना है कि हम क्या और कहाँ से प्राप्ति कर रहे हैं क्योंकि आज के जमाने में आध्यात्मिकता में भी असली के समान नकली भी मिलता है ।

7- क्या पोस्ट करना है इसका भी हमें ध्यान रखना है अर्थात इस जगत में हमारे कर्म हमारी पोस्ट्स हैं जिसे बड़े ध्यान देकर करना है ।

कार्यक्रम के अंत में सेवाकेंद्र प्रभारी बी के आदर्श दीदी जी ने कहा कि आज के समय मे हमे बच्चों के पालक होने के नाते इस बात पर विशेष ध्यान देना है कि हमारे बच्चे इंटरनेट के असुरक्षित इस्तेमाल से बचे रहें । अपनी सकारत्मक सोच से जहाँ स्वयं सुरक्षित रहना है वहीं दूसरों को भी रखना है । हमे अपने आप को पिता परमात्मा की याद से शक्तिशाली और खुशनुमा बना कर साधनों को निमित्त मात्र इस्तेमाल करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की साधना में मग्न रहना है । आपने अंत में सबको राजयोग का अभ्यास कर सबको शुभकानाएं देते हुए ईश्वरीय निमंत्रण भी दिया कि सभी को राजयोग शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक बार सेवाकेंद्र पर अवश्य पधारना चाहिए।

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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