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Indraganj Lashkar

मीडिया महासम्मेलन आयोजित

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सकारात्मक ख़बरों से हम समाज को नयी दिशा दे सकते हैं : प्रो. दीक्षित

ओमशांति मीडिया समाचार पत्र के 21 वर्ष पूर्ण होने पर मीडिया महासम्मेलन आयोजित

ग्वालियर| आजादी के समय उस समय के अखबारों ने भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी| महात्मा गाँधी सहित अन्य स्वतंत्रता सैनानियों ने अखबारों को ख़बरों के माध्यम से आन्दोलन का स्वरुप दिया इससे आजादी की लडाई और देश को आजाद कराने जन जागरण के व्यापक स्वरुप से लोगों में एक सकारात्मक भाव जागा| इसी भाव से अंग्रेजों से भारत देश मुक्त हुआ| यह बात परमात्म शक्ति द्वारा स्वर्णिम भारत की स्थापना के अंतर्गत ओमशांति मीडिया पाक्षिक समाचार पत्रिका के सफलतम 21 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रभु उपहार भवन डॉ. आहूजा के सामने-आयोजित रविवार को मीडिया महासम्मेलन के मुख्य वक्ता प्रो. कमल दीक्षित पूर्व विभागाध्यक्ष माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय ने कही| प्रो. दीक्षित ने कहा की लेकिन आज के वर्तमान समय में पत्रकारिता अपने मापदंड को भलीभांति तय नहीं कर पा रही है इस कारण से समाज में विसंगतियां देखने को मिल रहीं हैं|प्रो. दीक्षित ने कई उदाहरणों को पेश करते हुए कहा की आज भारत देश में सकारात्मक पत्रकारिता की बहुत जरुरत है| उन्होंने कहा शायद ही ऐसा कोई अखबार,कोई इलेक्ट्रोनिक चैनल हो जिसमें अपराध या अन्य ऐसी कोई ख़बरें जिससे समाज में दोष पैदा हो देखने को मिल रहीं हैं| प्रो दीक्षित ने कहा की महाराष्ट्र और म. प्र. के कुछ बड़े अखबारों ने बड़ा ही अच्छा प्रयोग किया है जिसमें उन्होंने प्रथम पेज पर नकारात्मक न्यूज़ को स्थान नहीं दिया है उन्होंने इस प्रकार की ख़बरों को अन्दर के पेजों पर स्थान दिया है इस प्रयोग से समाज में नयी दिशा देखने को मिल रही है| उल्लेखनीय है कि मीडिया महासम्मलेन का विषय स्वर्णिम भारत की स्थापना में मीडिया का योगदान था |

मीडिया महासम्मेलन में पूर्व संपादक साधना पत्र मैगजीन बी. के. अनुज ने मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता बहुत ही जटिल कार्य है| लेकिन पत्रकारिता में यदि आध्यात्म आ जाये तो इसकी राह बड़ी ही सहज हो जाती है बी. के. अनुज ने कहा कि जब तक हम सकारात्मक सोच से पत्रकारिता नहीं करेंगे तब तक समाज को एक नयी दिशा नहीं मिलेगी इस दौरान बी. के. अनुज भाई ने मोटिवेशन टॉक शो के माध्यम से पत्रकारों को आध्यात्म द्वारा सच्ची पत्रकारिता करने की टिप्स दी|

महासम्मेलनको अपर संचालक जनसंपर्क जी. एस. मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा की पत्रकारिता की इस आपाधापी के दौर में हमें अखबारों में नकारात्मक ख़बरें पढने को मिल रहीं हैं पत्रकारों को इससे बचना चाहिए उन्होंने कहा की कई बार नकारात्मक ख़बरों के कारण सकारात्मक ख़बरें सबके सामने नहीं आ पातीं हैं उन्होंने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय को साधुवाद दिया कि ओमशांति मीडिया पाक्षिक पत्रिका के 21 वर्ष पूर्ण होने पर मीडिया महासम्मलेन का आयोजन किया|

मीडिया महासम्मेलन में अध्यक्षता कर रहे बी. के. गंगाधर भाई संपादक ओमशांति मीडिया माउंट आबू ने बड़े ही विस्तृत रूप से कहा कि 21 वर्ष पूर्व हमने मात्र दो हज़ार कापियों से ओमशांति मीडिया पत्रिका की शुरुआत की थी आज मुझे आप सभी को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आज पत्रिका की लगभग डेढ़ लाख कॉपियां प्रिंट हो रहीं हैं और लोगों को पत्रिका के नए अंक आने का बेसवरी से इंतज़ार रहता है ख़ास बात यह है कि हम पत्रिका में किसी भी प्रकार का विज्ञापन नहीं स्वीकार करते हैं| 21 सालों में हमने सिर्फ और सिर्फ सकारात्मक ख़बरों के ही दम पर ही इतनी बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है| उन्होंने कहा कि परमात्म शक्ति द्वारा स्वर्णिम भारत की स्थापना की जा रही है इसमें प्रचार प्रसार के लिए मीडिया अपना योगदान वैभवपूर्ण प्रभाव से दे ताकि मीडिया जन जागरण के बीच अपनी सशक्त भूमिका अदा कर सके|

मीडिया महासम्मेलन के अंत में सेवाकेंद्र संचालिका ब्रहामाकुमारी आदर्श दीदी जी ने सभी मीडिया बंधुओं को राजयोग के जरिये आध्यात्मिकता से जुड़ने की बात कही| उन्होंने कहा कि जब तक जीवन में तनाव रहेगा तब तक कठिनाइयाँ प्रकट होती रहेंगी| इसको दूर करने का सबसे अच्छा माध्यम राजयोग है| दीदी ने मीडिया कर्मियों को मैडिटेशन भी कराया| महासम्मलेन का सफल संचालन कर रहे बी.के. प्रहलाद ने कहा कि जब तक आप सभी आध्यात्म और योग से नहीं जुड़ेंगे तब तक शांति का अभाव आप सभी के मन में बना रहेगा| प्रह्लाद भाई ने कई पत्रकार बंधुओं की जिज्ञासाओं को भी अपने अनूठे आध्यत्मिक प्रभाव से हल किया| परमात्मा की याद में मैडिटेशन गीत का आयोजन किया गया| मीडिया महासम्मलेन में आज सभी अथितियों ने दीप प्रज्जवलन किया और कुमारी सृष्टी, कुमारी मुनमुन ने स्वागत नृत्य के साथ सभी का स्वागत किया गया| मीडिया महासम्मलेन में कांग्रेस नेता किशन मुद्गल, बी.के. ज्योति, बी. के. आशा सहित बड़ी संख्या में भाई बहिन मौजूद रहे|

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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