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Indraganj Lashkar

विद्यार्थी जीवन की शिक्षा ही जीवन की दिशा और दशा तय करता है – ब्रह्मा कुमारी आदर्श दीदी तीन दिवसीय पर्सनालिटी डेवलपमेंट समर कैंप संगम भवन पुराना हाईकोर्ट केंद्र पर संपन्न हुआ

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विद्यार्थी जीवन की शिक्षा ही जीवन की दिशा और दशा तय करता है – ब्रह्मा कुमारी आदर्श दीदी

तीन दिवसीय पर्सनालिटी डेवलपमेंट समर कैंप संगम भवन पुराना हाईकोर्ट केंद्र पर संपन्न हुआ

 

ग्वालियर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के शिक्षा प्रभाग और युवा प्रभाग के द्वारा तीन दिवसीय पर्सनालिटी डेवलपमेंट समर कैंप संगम भवन पुराना हाईकोर्ट केंद्र पर संपन्न हुआ |

यह कैंप दो भागों में अलग अलग उम्र के बच्चों के लिए रखा गया | प्रातः सुबह 9 बजे से 11 बजे तक 5 वर्ष से 11 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए जबकि शाम 5 बजे से 7 बजे तक 12  वर्ष से 18 वर्ष के तक के बच्चो के लिए आयोजित किया गया |

प्रथम दिवस – कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रह्माकुमारीज लशकर की प्रभारी ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी, ब्रह्माकुमार प्रह्लाद भाई, राजेंद्र सिंह (रिटा.रेलवे), दिव्या पंजवानी, दीपा अगीचा, नारायण चौरसिया, माधवी गुप्ता, ऋतु बंसल, ममता माहौर उपस्थित थीं | इसके साथ ही कैम्प में 60 से भी अधिक स्कूली बच्चों ने भाग लिया |

कैम्प का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुया | तत्पश्चात राजयोगिनी बी.के. आदर्श दीदी ने बताया कि आज बच्चों को स्कूली पढ़ाई के साथ साथ नैतिकता एवं आध्यात्मिकता की पढ़ाई की भी आवश्यकता है। इसी बात को ध्यान में रख कर यह 3 दिवसीय शिविर का आयोजन हर वर्ष की तरह किया जा रहा है। इस शिविर में मानसिक बौद्धिक औऱ आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मानसिक स्थिति श्रेष्ठ औऱ विचार शुद्ध बने शरीर स्वस्थ और शक्तिशाली बने इसी को ध्यान में रख कर योग ध्यान, ज्ञान वर्धक कहानियां, एकग्रता, रचनात्मकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया है। साथ ही रोचक ज्ञानवर्धक मनोरंजन के खेलों को शामिल किया गया है।

बी. के. प्रह्लाद भाई ने कहा कि यह शिविर बहुत ही उद्देश्यपूर्ण और आवश्यकता के अनुरूप है माता पिता अपने बच्चों को अवश्य भेजे यह आज के समय की जरूरत है। शहर में यूं तो ग्रीष्मावकाश में बहुत से शिविर आयोजित किये जा रहे है परंतु यह अपने आप में एक अनूठा है जहां बच्चे बोलचाल व्यवहार और शालीनता सीख रहे है |

कार्यक्रम में सभी बच्चो को राजयोग ध्यान के बारे में बताया और उसका अभ्यास भी बच्चो को कराया जिससे बच्चो की एकाग्रता बढ़ेगी|  शिविर में बी.के. दीपा, बी.के. दिव्या ने बच्चों को इनडोर एक्टिविटी कराई | साथ ही राजेंद्र सिंह, ऋतू बंसल, माधवी गुप्ता और ममता माहौर ने भी बहुत ही अच्छी जीवन उपयोगी बातें बच्चों को बताई।

 

द्वितीय दिवस पर बच्चों ने सीखे अध्यात्म के गुण

द्वितीय दिवस पर ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रभारी बी.के. आदर्श दीदी ने बच्चो को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में किसी भी प्रकार के तनाव से बचाव हेतु व् अध्ययन में एकाग्रता के विकास के लिए राजयोग मैडिटेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | आज के समय में जब छोटी छोटी बातो में बच्चे नाराज हो जाते टेंशन में आ जाते है तो यह  आध्यात्मिक ज्ञान जीवन में आने वाली परिस्थितियों से उबरने में मदद करता है | ब्रह्माकुमारीज संस्थान के द्वारा बच्चों की उन्नति को ध्यान में रखते हुए पूरे देश में अलग अलग स्थानों पर  कैंप आयोजित किये जा रहे है |

बी. के. प्रहलाद ने बच्चों को स्वयं का सत्य परिचय देते हुए मन बुद्धि संस्कार और मस्तिष्क की कार्य प्रणाली के बारे में बताया कि हमारा मन सोचता है, बुद्धि उस पर निर्णय करती है मन और बुद्धि के द्वारा हम जो कर्म करते है वह हमारी आदत बन जाती है इसलिए हमें सदैव सकारात्मक ही सोचना चाहिए | इसके साथ ही ध्यान करने से होने वाले फायदे बताते हुए अपनी दिनचर्या में ध्यान को शामिल करने पर जोर दिया|

कार्यक्रम में पधारी डेंटिस्ट डॉ. रुचि शर्मा ने बच्चो को दांतों की सफाई कैसे रखनी चाहिए यह बताया साथ ही चॉकलेट मिठाई कम से कम खाने का संदेश दिया|

कार्यक्रम में बी. के. इतिशा के द्वारा आपसी सहयोग प्रेम से रहते हुए क्रोध पर नियंत्रण का महत्व समझाया |

कार्यक्रम में पेंटिंग प्रतियोगिता, डांस प्रतियोगिता और कई मनोरंजनात्मक एक्टिविटी बी.के. दिव्या और बी.के. दीपा ने कराई ।

कार्यक्रम में अनेकानेक वीडिओ के माध्यम से सन्देश दिया कि मोबाइल का प्रयोग पढ़ाई में किस तरह से बाधक है, तो हमें इसका प्रयोग कम से कम करना चाहिए | वीडिओ से प्रेरणा लेकर सभी बच्चो ने संकल्प लिया आवश्यकता अनुसार ही मोबाइल का प्रयोग करेंगे |

कार्यक्रम में आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया।

 

तृतीय दिवस – छात्रों को साधना, नैतिक मूल्यों का ज्ञान और खुश रहने के तौर तरीके सीखने के साथ हुआ व्यक्तित्व विकास कैंप का समापन

कार्यक्रम में मुख्य रूप से ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रभारी बी.के. आदर्श दीदी, मुख्य रूप से डॉ. एस.पी. बत्रा (प्रांतीय अध्यक्ष आरोग्य भारती), डॉ. निर्मला कंचन, पवन जेठवानी, राजेन्द्र सिंह, बी.के. प्रह्लाद, प्राची गाबरा सहित अन्य लोग उपस्थित थे |

कार्यक्रम में बी.के. आदर्श दीदी ने बताया कि बच्चे नन्हे पौधे के समान होते है जिनमे सिंचाई का कार्य उनके माता पिता द्वारा किया जाता है इसलिए बच्चों को शिक्षा के साथ साथ अध्यात्म की ओर अग्रसर करना चाहिए जिससे बच्चों का सभी प्रकार का विकास हो सके | आगे दीदी ने कहा कि यही वह समय है जो हमारे जीवन की दिशा और दशा तय करता है | आज नम्रता, धर्यता, मधुरता, सरलता, समरसता, गुणग्राहकता सत्यता आदि गुण कम देखने में मिलते है | विद्यार्थी जीवन में यदि हमें इन दिव्य गुणों की शिक्षा मिले तो निश्चित तौर पर पूरा जीवन सुन्दर व्यतीत होगा| संस्थान के द्वारा यह जो कैंप लगाया गया इसका उद्देश्य ही बच्चो के जीवन में नैतिक शिक्षा व्यावहारिक शिक्षा के साथ साथ आध्यात्मिकता का समावेश भी उनके जीवन में हो |

डॉ. एस. पी. बत्रा ने कहा कि बच्चों को स्कूली पढ़ाई के साथ साथ नैतिकता के गुण अवश्य सीखने चाहिए| ब्रह्माकुमारीज संस्थान का प्रयास सराहनीय है और मुझे विश्वास है कि इस कैंप से बच्चे बहुत कुछ सीखकर जायेंगे| इस तरह के कैंप से बच्चो को मूल्यनिष्ठ जीवन बनाने की शिक्षा के साथ साथ महापुरुषों के बारे में भी गहराई से जानने का मौका मिलता है |

बी.के. प्रहलाद ने बच्चों को राजयोग ध्यान के बारे में विस्तार से बताया साथ ही नैतिक मूल्यों पर आधारित प्रतियोगिता भी कराई साथ ही बच्चों से परमात्मा के नाम पत्र भी लिखाया| इसके साथ ही बच्चों के माता पिता ने भी ध्यान को अपनी जीवन शैली में उतारने का संकल्प लिया बच्चों ने कहा वे सदैव अपने माता पिता का कहना मानेंगे बच्चो ने सत्यता ईमानदारी सरलता जैसे अनेक गुणों का महत्व सीखा| बच्चो का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि स्वयं को कभी कमजोर मत समझो किसी भी परिस्थिति अथवा परीक्षा में घबराने की बजाय मुस्कुराते हुए सामना करना चाहिए साथ ही बच्चों ने प्रण लिया कि वे सदीव व्यसनों से दूर रहेंगे|

टी.व्ही. और मोबाईल का उपयोग भी कम से कम करेंगे |

इस अवसर पर डॉ. निर्मला शर्मा, राजेन्द्र सिंह, एवं प्राची गाबरा ने भी अपनी शुभकामनाएँ रखी |

बच्चों में काफी उत्साह था बच्चों ने कई प्रेरणादायक कहानियां सुनी इनडोर गेम्स व विडियोज के माध्यम से प्रेरणादायक संदेश सुने| साथ ही बिभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर छात्रों ने व्यक्तित्व विकास की गहराई प्राप्त की|

यह समर कैंप अनुभवशील योग्य मार्गदर्शकों के साथ आयोजित किया गया था जो छात्रों के संपूर्ण विकास और सफलता के प्रति समर्पित थे।

कार्यक्रम के अंत में बी.के. प्रह्लाद ने सभी बच्चों को राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया तत्पश्चात सभी अतिथियों के द्वारा बच्चो को प्रमाण पत्र देकर सभी को ईश्वरीय उपहार भी दिया किया |

कार्यक्रम में इस अवसर पर कार्यक्रम में माधवी, ममता, मिथलेश, रीता, ध्रुव, आदर्श रहे।
रीता, दीपा, दिव्या, नव्या, ध्रुव, गीता, उमा, महिमा, इतिशा, कंचन, नारायण, जयकिशन आदि भाई बहने उपस्थित थे |

 

 

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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