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आज़ादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर अभियान की धूम(14.02.2022)

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आज़ादी के अमृत महोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर अभियान की धूम

ग्वालियर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ग्वालियर की स्थानीय शाखा के द्वारा आज 3 दिनों को सम्मुख रखते हुए 3 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । सर्वप्रथम एम्पलाई लीगल अवेयरनेस डे के उपलक्ष्य में ओल्ड हाई कोर्ट स्थित स्थानीय सेवा केंद्र पर एक जन जागृति का कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें मुख्य रुप से एडवोकेट लेबर बार एसोसिएशन ग्वालियर के अध्यक्ष श्री भगवान सिंह बैंस जी ने मुख्य रूप से और एडवोकेट अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया । संस्थान की भगिनी संस्था राजयोगा एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के न्यायविद प्रभाग द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें कर्मचारियों की जागृति हेतु विशेष टिप्स बताए गए जिसके आधार पर वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने कार्यों को सुचारु रुप से कर सकें । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री भगवान सिंह जी ने कहा कि कर्मचारियों का और अधिकारियों का रिश्ता तो पुराने समय से चला आ रहा है । पुराने समय पर जहां अधिकारी लोग कर्मचारियों को अपने कार्यों के लिए उनका शोषण किया करते थे यहां तक की ताजमहल बनाने वालों के तो उनके हाथ काट दिए थे । जिसके परिणाम स्वरुप वह भविष्य में कार्य करने के काबिल ना रह सके । परंतु वर्तमान समय सरकारें इस ओर विशेष रुप से ध्यान देते हुए इस प्रकार के कानून नए-नए ला रही है जिस आधार पर कर्मचारी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ सकता है तथा उनकी मांग कर सकता है । सिर्फ आवश्यकता है इसके लिए जागृति की, हम जागृत रहकर जहां अपने अधिकारों के लिए अपनी बात रख सकें, वही साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी विधिवत रूप से पालन कर सकें । आपने कहा कि मुझे खुशी है कि संस्थान ने इस प्रकार का कार्यक्रम आयोजन करके उन्हें आमंत्रित कर इस विशेष सेवा का अवसर प्रदान किया । आपने कहा कि भविष्य में किसी भी प्रकार के परामर्श के लिए सदैव सेवा में तत्पर रहेंगे । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडवोकेट अनिरुद्ध जी ने कहा की विभिन्न लेबर लॉज में इस प्रकार का जिक्र है- एक कर्मचारी से कितना समय कार्य कराया जा सकता है, किस विधि से कराया जा सकता है, मिनिमम वेजेस कितने होंगे और गर्भवती महिलाओं के कार्य संबंधी दिशा निर्देश भी इन लॉज में बताए गए हैं, जिसकी सम्पूर्ण जानकारी होना अति आवश्यक है । आपने कहा कि आज के समय पर हम किसी का शोषण ना करते हुए विधि विधान के अनुसार उनसे अगर कार्य कराएं तो हम होने वाली कानूनी कार्रवाई से बच सकते हैं ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी के डॉ गुरचरण सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से हमारे भारत का संविधान जहां एक ओर कर्मचारियों की सुरक्षा एवं उनके मौलिक अधिकारों साथ साथ उनकी जिम्मेदारियों के प्रति हमें दिशा निर्देश देता है, उसी प्रकार से वर्तमान समय ईश्वरीय संविधान जिसके अनुसार स्वयं पिता परमात्मा सच्ची सरकार इस धरा पर अवतरित होकर हम सभी मनुष्य आत्माओं को, जिनका शोषण अनेक समय से विकार कर रहे हैं । उन्हें इस प्रकार के शोषण से मुक्त कराने के लिए विधि विधान बनाकर हमें इस प्रकार के दिशा निर्देश वर्तमान समय प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से दे रहे हैं । आवश्यकता है कि हम जागरूक रहें जिसके आधार पर हम अपनी बुराइयों से मुक्त होकर, अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहकर, अपनी कमी कमजोरियों से मुक्त बन सकें । साथ-साथ अपने विश्व कल्याण के जिम्मेवारी के प्रति भी जागरूकता अति आवश्यक है जिसका हमें बखूबी निर्वहन करना है । वर्तमान समय पिता परमात्मा हमें विश्व कल्याण की जिम्मेवारी का ताज भी दे रहे हैं तो जहां हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता आवश्यक है वहीं अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन भी जरूरी है । अंत में अपनी शुभ आशीष देते हुए स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ने कहा कि जिस प्रकार से हमारा शोषण हो रहा है इसका मूल कारण है हमारी अज्ञानता है चाहे वह आध्यात्मिक स्तर पर हो या भौतिक स्तर पर हो, इसके लिए हमें जागरुक होने की अति आवश्यकता है । आपने कहा हमें जागरूक और सतर्क रहना है, जहां अपने कार्यों के प्रति, अपनी जिम्मेदारियों के प्रति वहीं अपने अधिकारों के प्रति भी । अन्त में सभी ने परमात्म याद से स्वयं की जागृति से सभी को जागृत करने का प्रण भी किया ।

दूसरा कार्यक्रम राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में संस्थान के कला एवं संस्कृति प्रभाग के द्वारा स्थानीय सेवा केंद्र माधव गंज स्थित प्रभु उपहार भवन में किया गया । जहां पर हमारे देश की शान माननीया सरोजिनी नायडू जी के योगदानों को याद किया गया तथा भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने हेतु सामूहिक योगाभ्यास का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया । जिसमें सभी भाई बहनों ने संगठित रूप से दोनों विशेष हस्तियों के प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए और पिता परमात्मा से शक्तियां लेकर उन्हें प्रदान किया । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी के डॉ गुरचरन सिंह ने कहा कि जिस प्रकार से इन विशेष आत्माओं ने आज से कई वर्ष पूर्व जबकि महिलाओं को घर की चार दिवारी के अंदर रखा जाता था, वह संघर्ष किया, वह अभ्यास किया जिसकी वजह से आज उनका नाम पूरे विश्व भर में रोशन है तथा भारत का नाम सर्वत्र रोशन किया । हमें भी उनके जीवन से यह शिक्षा अपने जीवन में धारण करनी है कि हमें अनेक प्रकार के बंधनों की बेड़ियों को तोड़कर, अपनी कमी कमजोरियों से मुक्त बनकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर होना है । इसके लिए जो अभ्यास पिता परमात्मा करा रहे हैं वह सदैव ईमानदारी के साथ करना है । जैसा की  लता जी ने संगीत के अभ्यास को इतनी तन्मयता के साथ किया कि जिस वजह से उनके रग रग में  संगीत बसा हुआ था, सरोजिनी नायडू जी को भारत कोकिला के रूप में याद किया जाता है । इस प्रकार से हमें भी देवी गुणों की धारणाओं का अभ्यास, पिता परमात्मा की याद का अभ्यास इतना करना है जिससे यह सभी धारणाएं हमारी स्वाभाविक रूप से हो सकें ।

आज का तीसरा कार्यक्रम जो कि वर्ल्ड रेडियो दिवस पर संस्थान के मीडिया प्रभाग के द्वारा आयोजित किया गया । जिसमें विशेष रूप से राष्ट्रीय कलाकार देवी भ्राता जावेद जी ने पिता परमात्मा की याद के भजनों के द्वारा सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया । आपने कहा कि संगीत ऐसी विद्या है जिसके आधार पर हम निरंतर पिता परमात्मा से योग लगा सकते हैं । आपने भजनों के माध्यम से पिता परमात्मा के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई, साथ-साथ सभी भाई बहनों के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की । रेडियो के महत्व को बताते हुए कहा कि आज बहुत सारे भाई बहनें रेडियो के माध्यम से संगीत से जुड़े हुए हैं । एफएम या और प्रकार के जो चैनल हैं उसके माध्यम से हम यत्र तत्र सर्वत्र संगीत का आनंद ले सकते हैं । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी के डॉ गुरचरन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय कई भाई बहनें रेडियो के माध्यम पर विश्वास करते हुए उसके द्वारा दी गई जानकारी को सत्य के रूप में देखते हैं । इसी वजह से इस वर्ष का जो थीम है वह रेडियो और विश्वास अर्थात ट्रस्ट एंड रेडियो है । पिता परमात्मा भी हमें यह शिक्षा दे रहे हैं कि बच्चे निश्चय बुद्धि विजयंती संशय बुद्धि विनश्यन्ति, निश्चय हमारी विजय का आधार है । तो सदैव हमें निश्चय बुद्धि बनकर ही रहना है, सदैव पिता परमात्मा पर निश्चय और उनके द्वारा दिए जा रहे ज्ञान पर निश्चय । जो कम्युनिटी रेडियो मधुबन मुख्यालय से चलाया जा रहा है उसके कार्यक्रमों का भरपूर आनंद हम सभी को लेना है । तो जहां रेडियो से प्राप्त जानकारी के ऊपर विश्वास रखना है साथ साथ हमें अपनी मन बुद्धि के आधार पर हर बात को परख करके उसको स्वीकार करना है, यह बहुत आवश्यक बात है । अंत में अपनी शुभ भावनाएं शुभ कामनाएं व्यक्त करते हुए स्थानीय सेवाकेंद्र प्रभारी बी के आदर्श दीदी जी ने कहा कि संगीत पिता परमात्मा से जुड़ने का और खुश रहने का एक ऐसा माध्यम है जिसके आधार पर हम निरंतर उमंग उत्साह में रह सकते हैं । जिसका उदाहरण हम कलाकारों के जीवन को देख सकते हैं जो सदैव उमंग उत्साह में रहकर अपनी कला में मगन रहते हैं । इसी प्रकार से हमें भी अपनी तपस्या में लीन रहकर सर्व प्रकार की बातों से मुक्त रहना है । अंत में आपने राजयोग का अभ्यास करा कर सभी को पिता परमात्मा की शक्तियों का दिव्य अनुभव कराया ।

 

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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…

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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी

ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।

 

 

 

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