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Indraganj Lashkar

ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र पर “स्वच्छता एवं जल संरक्षण” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र पर “स्वच्छता एवं जल संरक्षण” जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

स्वच्छता जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक दायित्व है – अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव

स्वच्छता हमारे विचारों, संस्कारों एवं जीवनशैली में भी होनी चाहिए – आदर्श दीदी

ग्वालियर, 28 मई 2026। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा माधवगंज स्थित ब्रह्माकुमारीज़ प्रभु उपहार भवन में “स्वच्छता एवं जल संरक्षण विषय पर जागरूकता कार्यक्रम” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम ग्वालियर के एडिशनल कमिश्नर टी. प्रतीक राव (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्रह्माकुमारीज़ केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बी.के. आदर्श दीदी ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सभापति नगर निगम एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के चीफ कमिश्नर लालजी जादौन, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के असिस्टेंट कमिश्नर एवं वरिष्ठ पत्रकार विनय अग्रवाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं जी.डी.ए. उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, वार्ड 50 से पार्षद अनिल सांखला, भारत स्काउट्स & गाइड्स हेडक्वार्टर कमिश्नर एड. पूरन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पत्रकार संजय त्रिपाठी, अजय मिश्रा, सुरेश शर्मा, वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बी.के. प्रहलाद भाई सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी अतिथियों का ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा स्वागत एवं सम्मान किया गया। मंच संचालन करते हुए वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता राजयोगी बी.के. प्रहलाद भाई ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्था वर्षों से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर जनजागरण अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा स्वच्छ भारत अभियान, पर्यावरण संरक्षण अभियान, “जल जन अभियान, प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान एवं नशा मुक्त भारत अभियान जैसे अनेक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका परम श्रद्धेय दादी जानकी जी को भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत अभियान का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया था। तथा ग्वालियर नगर निगम द्वारा वर्ष 2022 मे बीके आदर्श दीदी को भी स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया था।
मुख्य अतिथि टी. प्रतीक राव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता एवं जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से सफल होने वाला सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर शहर में प्रतिदिन लगभग 600 टन कचरा निकलता है, जबकि उसका पूरा संग्रहण नहीं हो पाता, जिसका मुख्य कारण नागरिकों द्वारा समय पर कचरा न देना। उन्होंने सभी नागरिकों से घरों में गीले एवं सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखने की अपील की तथा कहा कि कचरे का पृथक्करण स्वच्छ शहर निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने “रोको-टोको अभियान” को व्यवहार में लाने पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर गंदगी फैलाता दिखाई दे, तो उसे विनम्रता से रोकना एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में विनय अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता एवं जल संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के प्रत्येक परिसर में स्वच्छता एवं अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाता है, जो समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में संचालित संस्था की हजारों शाखाएँ सकारात्मक जीवनशैली एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही हैं। पार्षद अनिल सांखला ने नागरिकों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने एवं जल की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने का आह्वान किया।
जीडीए, उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता ने जल संरक्षण के महत्व पर विशेष बल देते हुए कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों में संचित पानी को “पुराना पानी” समझकर व्यर्थ न बहाएँ तथा बच्चों में भी जल बचाने के संस्कार विकसित करें।
पूर्व सभापति लालजी जादौन ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता एवं जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक स्वच्छता को अपनी आदत बना ले और जल की महत्ता को समझे, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
कार्यक्रम में राजयोगिनी बी.के. आदर्श दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि वास्तविक स्वच्छता केवल बाहरी वातावरण में नहीं, बल्कि हमारे विचारों, संस्कारों एवं जीवनशैली में भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति भीतर से सकारात्मक एवं स्वच्छ बनता है, तभी वह समाज एवं प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का सही निर्वहन कर पाता है। दीदी ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा प्रत्येक व्यक्ति को जल को ईश्वर की अमूल्य धरोहर समझकर उसका सदुपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में नगर निगम अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव एवं बी.के. आदर्श दीदी ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता एवं जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प कराया। तत्पश्चात बी.के. आदर्श दीदी ने सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात एवं प्रसाद भेंट किया। कार्यक्रम में बिन्दु गुप्ता, बीके जीतू, बीके पवन, बीके विजेंदर, रूपेन्द्र, पंकज, सुरेन्द्र, राजेन्द्र सहित ब्रह्माकुमारीज संस्थान से जुड़े लगभग 450 भाई-बहनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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