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Indraganj Lashkar

“इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ग्वालियर” की कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न –

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“इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ग्वालियर” की कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

ग्वालियर : जीवाजी यूनिवर्सिटी के अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में “इंडियन  मेडिकल एसोसिएशन ग्वालियर” ग्वालियर की कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री रोहित आर्य, IMA के राष्ट्रीय प्रमुख श्री डॉक्टर सहजानंद जी एवं राज्य प्रमुख डॉक्टर अनिल भाटिया जी थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर एवं डीन जी.आर. मेडिकल कॉलेज डॉ अक्षय निगम थे। कार्यक्रम की शुरुवात नेत्रहीन बालिकाओं की शानदार प्रस्तुति से हुई जिसके लिए सभागार में मौजूद सभी लोगों ने उत्साह वर्धन किया इसके बाद ग्वालियर शहर की प्रतिष्ठित महिला चिकित्सक  द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई एवं उसके बाद दिव्यांग बालिकाओं द्वारा योग प्रदर्शन किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री रोहित आर्य जी ने डॉक्टरों के पेशे को समाज की सभी पेशो से ऊपर बताते हुए डॉक्टरों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निर्वाह करने के लिए भी कहा ।साथ ही लोगो में समाज को डॉक्टरों के ऊपर बढ़ते हुए दवाव को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय प्रमुख श्री सहजानंद प्रसाद सिंह जी ने राष्ट्रीय स्तर पर 50 से कम बिस्तर वाले अस्पतालों के संचालन जो कि डॉक्टर कर रहे है उनको नियम कानूनों में ढील देने का मुद्दा उठाया, साथ ही ग्वालियर IMA में स्थायित्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाने से खुशी जाहिर की। इस दौरान IMA  ग्वालियर का बुलेटिन “IMPACT का विमोचन किया गया। शपथ ग्रहण समारोह में IMA अध्यक्ष डॉ राहुल सप्रा, सचिव डॉ बृजेश सिंघल सहित सभी कार्यकारिणी के सदस्यों ने शपथ ली । कार्यक्रम में मंच संचालन के लिए डॉ प्रदीप राठौर, डॉ स्नेहलता दुबे, डॉ अमित अग्रवाल , डॉ नमिता,डॉ रीना जैन, डॉ अनिल सिंह उपस्थित थे इसके साथ ही कार्यक्रम में 600 से भी अधिक डॉक्टर्स उपस्थित रहे।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के सदस्यों को भी आमंत्रित किया गया था।

ब्रह्माकुमारीज़ ग्वालियर की ओर से “इंडियन  मेडिकल एसोसिएशन ग्वालियर” के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद जी, एवं प्रदेश अध्यक्ष डॉ. भाटिया जी को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों को प्रसाद एवं स्मृति चिन्ह दिया गया।

Image 1 – PHOTO में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं IMA ग्वालियर के पदाधिकारी

Image 2 – GROUP PHOTO में मुख्य अतिथिविशिष्ट अतिथि एवं IMA  ग्वालियर के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य



Image 3 – व्याख्यान देते हुए न्यायमूर्ति श्री रोहित आर्य जी (मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय)


Image 4 – PHOTO में IMA ग्वालियर के पदाधिकारी


Image 5 – photo में श्री डॉक्टर सहजानंद जी का स्वागत करते हुए डॉꓸ राहुल सप्रा (अध्यक्ष IMA) और IMA ग्वालियर के पदाधिकारी


Image 6 – कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं IMA ग्वालियर के पदाधिकारी


Image 7 left to right – IMA के राष्ट्रीय प्रमुख श्री डॉक्टर सहजानंद जी को सौगात देते हुए ब्रह्माकुमार प्रह्लाद भाईजी, ब्रह्माकुमार डॉ.गुरचरण भाईजी और सचिव डॉ. बृजेश सिंघल


Image 8 – IMA के राष्ट्रीय प्रमुख श्री डॉक्टर सहजानंद जी के साथ चर्चा करते हुए ब्रह्माकुमार डॉ.गुरचरण भाईजी और सचिव डॉ. बृजेश सिंघल

Image 9 – IMA के राष्ट्रीय प्रमुख श्री डॉक्टर सहजानंद जी का सम्मान करते हुए ब्रह्माकुमार डॉ.गुरचरण भाईजी


Image 10 right to left – IMA राज्य प्रमुख डॉक्टर अनिल भाटिया जी को सौगात देते हुए ब्रह्माकुमार प्रह्लाद भाईजी, ब्रह्माकुमार गुरचरण भाईजी और सचिव डॉ बृजेश सिंघल

Image 11 – मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री रोहित आर्य जी (मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) को ब्रह्माकुमारीज संस्थान की ओर से ब्लेसिंग कार्ड देते हुए ब्रह्माकुमार प्रह्लाद भाईजी

 

Image 12 – right to left – group photo में ब्रह्माकुमार प्रह्लाद भाईजी, ब्रह्माकुमार गुरचरण भाईजी और सचिव डॉ बृजेश सिंघल,डॉक्टर अनिल भाटिया जी, वरिष्ठ डॉ.भल्ला जी, डॉक्टर सहजानंद जी,डॉꓸ राहुल सप्रा (अध्यक्ष IMA),डॉꓸ प्रशांत लहारिया (इलेक्ट अध्यक्ष)

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ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

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संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

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योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

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