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Self Empowered Gwalior – Drug free Gwalior – Clean Gwalior : Event with Collector Shri Rahul Jain

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ग्वालियर : सशक्त ग्वालियर – व्यसन मुक्त ग्वालियर – स्वच्छ ग्वालियर

ग्वालियर : समाज में समरसता लाना है तो नशा मुक्त समाज का निर्माण करना होगा — कलेक्टर (श्री राहुल जैन)
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ग्वालियर:  एकात्म यात्रा के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ग्वालियर कलेक्टर श्री राहुल जैन ने सभी को संबोधित करते हुए एकात्म यात्रा के उद्देश्य को स्पष्ट किया और बताया कि यह एकात्म यात्रा बहुत ही सुन्दर लक्ष्य के साथ उज्जैन से आरंभ की गयी है जो कि 10 जनवरी को ग्वालियर पहुँचेगी | इस यात्रा का मूल उद्देश्य समाज में समरसता लाना है अर्थात् सभी को जोड़ना है इसके लिए क्या –क्या चीजें हैं जिन पर काम किया जा सकता है जो भी विषय समाज में समरसता लाने में जरुरी हैं उन्हीं के अंतर्गत हमने नशा मुक्ति विषय लिया है यदि हमें समाज में समरसता लाना है तो नशा मुक्त समाज व्यसनमुक्त समाज का निर्माण करना होगा | यह एकात्म यात्रा 10 जनवरी ग्वालियर पहुंचे उसके पहले शहर के हर गली, मोहल्ले तथा प्रत्येक घर में यह सन्देश जाये कि नशा मुक्ति क्यों जरुरी है प्रत्येक व्यक्ति अपने से सम्बंधित नशा के आदी लोगों को समझाकर इससे मुक्त कराएँ और इस अभियान में अपना योगदान दें और इस यात्रा में सैकड़ों- हजारों लोगों को नशामुक्त करके लायें यही इस एकात्म यात्रा की सफलता होगी इसे हम सभी मिलकर सफल बनायें और सशक्त स्वस्थ व स्वच्छ समाज का निर्माण करें| और आज से ही यह संकल्प लें कि हम अपने घर ऑफिस दुकान का कचरा बाहर नहीं फेकेंगे और अपने गली मोहल्ले शहर को स्वच्छ रखने में अपना पूर्ण सहयोग देंगे और ग्वालियर को नंबरवन सिटी के रूप में पहचान दिलायेंगें | मैं आप सभी से आशा रखता हूँ कि आप ग्वालियर को नशा मुक्ति में नंबरवन और स्वच्छता में नंबरवन बनाने का पूर्ण प्रयास करेंगे |

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“सशक्त ग्वालियर – व्यसन मुक्त ग्वालियर – स्वच्छ ग्वालियर” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया जिसका उददेश्य पूरे ग्वालियर जिले के अनेकानेक स्थानों पर जाकर लोगो को व्यसन मुक्ति एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्वालियर कलेक्टर श्री राहुल जैन, विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर श्री एम. एल. दौलतानी एवं संस्थान की ओर से तानसेन नगर सेंटर प्रभारी बी.के. सुधा, लश्कर सेंटर प्रभारी बी.के. आदर्श उपस्थित थीं सर्व प्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित करके किया गया तत्पश्चात बी.के. आदर्श बहन ने सभी का स्वागत करते हुए स्वच्छ्ता एवं व्यसन मुक्ति के बारे में बताते हुए कहा कि स्वच्छता कहने से नहीं आएगी असली स्वच्छता तब आएगी जब हमारे मन के विचार स्वच्छ होंगे जब तक हम स्वयं को परिवर्तित नहीं करेंगे तब तक स्वच्छता नहीं आएगी हमें यह संकल्प लेना है की चाहे घर का वातावरण हो या बाहर का उसको स्वच्छ बनाये रखना हमारी जिम्मेबारी है यह स्वच्छता अपने विचारों में द्रढ़ता लाने से संभव है चाहे आप स्वयं व्यसन मुक्त हो लेकिन दूसरे लोगों को प्रेरणा दें की वह भी व्यसन मुक्त बने और सबका यह संकल्प हो मेरा ग्वालियर मेरा भारत स्वच्छ एवं व्यसन मुक्त हो जहाँ स्वच्छता के साथ साथ किसी भी प्रकार का कलह कलेश न हो और यह कलह कलेश तब रुकेगा तब लोग व्यसन मुक्त हो जब तक लक्ष्य नहीं होगा लक्षण आ नहीं सकते प्रत्येक को यह लक्ष्य रखना है की हर दिन मुझे किसी न किसी एक व्यक्ति को व्यसन मुक्त बनाना है और साथ ही साथ स्वच्छता की प्रति जागरूक करना है और प्रत्येक व्यक्ति को उसके दिव्य गुणों से अवगत कराना है आज आवश्यकता है इस नए वर्ष में नए लक्ष्य के साथ स्वयं को सशक्त बनाकर सभी के सहयोग से ग्वालियर को अग्रणी शहर बनायें |

कार्यक्रम में पधारे हुए स्वच्छता अभियान के ब्रांड एम्बेसडर श्री एम. एल. दौलतानी ने कहा कि ग्वालियर में हम विगत तीन वर्षों से स्वच्छता अभियान चला रहे हैं वास्तव में स्वच्छता दिल से जुड़ने वाली बात है जो भी स्वच्छता कर्मचारी सुबह सुबह आपके घर आता है उससे नफरत न करें क्योंकि वह स्वच्छता दूत है उसको सहयोग कीजिये I जिस प्रकार हम अपने घर को स्वच्छ रखते हैं तथा घर के परिसर को स्वच्छ बनाये रखने में अपना योगदान देते हैं ठीक उसी प्रकार हम 14 लाख ग्वालियर निवासियों का कर्तव्य है कि अपने गली मोहल्ले और शहर को स्वच्छ बनाये रखने में अपना योगदान दें कचरा कूड़ेदान में ही रखें, डोर टू डोर कर्मचारियों को अपना सहयोग दें  यह सिटी हमारी है यह गलियां हमारी यह देश हमारा है हम भारत को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए अपने आप से परिवर्तन करना होगा प्रत्येक भारतवासी यह प्रण ले कि में एक स्वच्छता एम्बेसडर के रूप में कार्य करूंगा |

कार्यक्रम के अंत में बी.के. सुधा बहन जी सभी को संबोधित करते हुए कि किसी भी कार्य को करने के लिए सर्व प्रथम शक्ति चाहिए आज संसार में मनुष्य के पास शक्ति का बहुत अभाव है सर्व शक्तिमान परमात्मा से कनेक्शन टूटने के कारण शक्तियां कमजोर पड़ गई है और शक्तियां कमजोर होने से जो बुराईयों का प्रभाव है वह इंसान पर हावी हो गया है और जब बुराईयों का प्रभाव हावी होता है तब बुराईयाँ व्यवहार में आ जाती है जो बुरे कर्म करवाती है जिसका परिणाम दुःख अशांति बुरी घटनायों के रूप में हमारे समाने प्रकट होता है बहुत सारे व्यसनों के कारण चाहे वह तम्बाकू है शराब है गुटखा है यह मोटे व्यसन है जबकि घ्रणा द्वेश ईर्ष्या, क्रोध ये व्यक्ति के आन्तरिक व्यसन है जिनके बाद ही ये मोटे व्यसन सामने आते है इन सारे व्यसनों ने ही समाज को खोखला बना दिया है लेकिन जैसा की हम जानते है कि कोई भी अच्छी चीज बुरी बन सकती है तो फिर से वह अच्छी भी बन सकती है और सभी को बताया कि ब्रह्माकुमारीज के द्वारा एक व्यसन मुक्ति रथ तैयार किया गया है जो जगह जगह जाकर लोगो को व्यसन मुक्ति का और स्वच्छता का सन्देश देगा |  मंच संचालन बी.के. ज्योति बहन ने किया | कार्यक्रम के अंत में बी.के. प्रह्लाद ने सभी को धन्यबाद दिया |

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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…

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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी

ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।

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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।

 

 

 

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