Connect with us

Indraganj Lashkar

बेहतर कार्य करने के लिए खुश रहना जरूरी – आदर्श दीदी

Published

on

ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन का वार्षिक उत्सव संपन्न

बेहतर कार्य करने के लिए खुश रहना जरूरी – आदर्श दीदी

मुस्कराने से जीवन की आधी समस्याएं समाप्त हो जाती है – प्रहलाद भाई

ग्वालियर: माधवगंज स्थित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय “प्रभु उपहार भवन” की छठवीं वर्षगाँठ पर वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से व्यवसायी श्री पीताम्बर लोकवानी, नगर निगम वार्ड 50 के क्षेत्रीय अधिकारी श्री सतेन्द्र सिंह सोलंकी, पी.एम.पी एसोसिएशन के प्रदेश सचिव श्री रंजीत सिंह छावरा, वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. एच. एस. कुशवाह, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानी कुशवाह, ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र की संचालिका बीके आदर्श दीदी, बीके प्रहलाद भाई, बीके डॉ गुरुचरण सिंह उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तत्पश्चात
बीके आदर्श दीदी ने प्रभु उपहार भवन में सेवाओं के 6 वर्ष पूर्ण होने पर सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान विगत 8 दसको से देश और दुनिया में आध्यात्म के माध्यम से लोगो के जीवन में शांति और खुशहाली लाने का प्रयास कर रहा है, क्योकि खुशी के बिना कोई भी कार्य बेहतर ढंग से नहीं किया जा सकता। इसलिए खुश रहना जरुरी है, इसमें आध्यात्मिक ज्ञान हमारी बहुत मदद करता है। संस्थान के द्वारा लोगो को आध्यात्मिक ज्ञान देने के साथ साथ बिभिन्न अभियान चलाये गए। जिसमें पर्यावरण सरंक्षण, जल सरंक्षण, स्वच्छ भारत, नशा मुक्त भारत जैसे अनेक कार्यक्रम शामिल है। ग्वालियर जिले में भी इन्ही अभियान के अंतर्गत वर्ष भर में अनेकनेक कार्यक्रम आयोजित किये गए। जिसका लाभ लाखो लोगो को मिला।
दीदी ने आगे कहा कि सभी को व्यक्तिगत हित से ऊपर उठकर समाज कल्याण व विश्व कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। साथ ही सभी के प्रति परस्पर सहयोग, स्नेह, सम्मान की भावना भी अपने मन में रखनी चाहिए। क्यों कि जिस प्रकार बूंद बूंद से घड़ा भरता है ठीक उसी प्रकार एक-एक व्यक्ति से मिलकर ही समाज व देश का निर्माण होता है और एक मूल्यनिष्ठ समाज की स्थापना के लिए हर व्यक्ति के सहयोग की आवश्यकता होती है। इसलिए कहाबत भी है सबके सहयोग से सुखमय संसार।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई ने वर्ष 2023-24 में किये गए अनेकानेक जनहितकारी कार्यक्रम की वार्षिक रिपोर्ट वीडिओ प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत की जिसमें मैडिटेशन शिविर, स्वास्थ्य शिविर, नशामुक्ति शिविर, जल जन अभियान, वृक्षा रोपण, स्वच्छता अभियान, बच्चों के लिए नैतिक शिक्षा, मोटिवेशनल कार्यक्रम, सामाजिक, आध्यात्मिक आदि कार्यक्रम शामिल है। इन सभी कार्यक्रम के माध्यम से लाखों लोगो को संदेश दिया गया। बीके प्रहलाद ने वार्षिक रिपोर्ट पेश करने के साथ साथ सभी को कहा कि हम सदैव जब दूसरों को कुछ न कुछ देने की भावना रखते है। तो हमारा खुशी का स्तर बढ़ता है। इसलिए हमें सदैव देने की भावना रखनी चाहिए। यदि कुछ नहीं दे सकते तो कम से कम मुस्कराकर सभी से बात करें तो सारे कार्य सहज हो जायेंगे।
कार्यक्रम में पधारे सतेन्द्र सिंह सोलंकी ने सभी को वार्षिक उत्सव पर शुभकामनाएं दीं। और कहा कि यह बहुत ही ख़ुशी की बात है इतना अच्छा आश्रम हमारे क्षेत्र में है जहाँ लोगो को सकारात्मक दिशा मिलती है। मुझे सौभाग्य मिला कि अनेकानेक जन जागृति के कार्यक्रम संस्थान के साथ मिलकर किए।
कार्यक्रम पीताम्बर लोकवानी ने अपने विचार रखते हुए सभी को बधाई दी और कहा कि जब यह माधवगंज केंद्र बन रहा था तभी मुझे यह अहसास था कि इस क्षेत्र के लोगो को इसका लाभ मिलेगा और आज जिस तरह से लोग यहाँ बड़ी संख्या में पहुँचते है कि बैठने का हॉल भी छोटा पड़ जाता है इससे यह पता चलता है कि लोगो की संस्थान के प्रति कितनी आस्था और श्रद्धा है। और लोगो के जीवन में कितना परिवर्तन आया है। संस्थान के लोगो को जब भी मिलते है तो यह अपने कार्य को करते हुए हमेशा खुश नजर आते है जो हम सबको प्रेरणा देते है।
कार्यक्रम में रंजीत सिंह छावरा ने अपनी शुभकामनाएं दीं और कहा कि संस्थान मानव सेवा के लिए समर्पित है और जो आंनद सेवा में वह किसी कार्य में नहीं है।
डॉ.एच.एस. कुशवाह ने वार्षिक उत्सव पर सबको बधाई दी और कहा कि पूरे वर्ष में संस्थान के द्वारा अनेकानेक कार्यक्रम किये जाते है जो कि सराहनीय और अनुकरणीय है, यह लोग निःस्वार्थ भाव से समाज के लिए कार्य करते है। और यह हमारा सौभाग्य है ऐसे महान लोगो का सानिध्य हम सबको मिलता है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे तीन से चार बार माउंट आबू जाने का मौका मिला तब में संस्थान के संपर्क में हूँ मै भले संस्थान में रोज नहीं आ पाता लेकिन इनके द्वारा सिखाया गया मैडिटेशन मैं रोज करता हूँ और जब भी कोई समस्या आती है तो मै परमात्मा को याद कर हल्का हो जाता हूँ ।
कार्यक्रम में डॉ रानी कुशवाह और अभय खंडेलवाल ने भी अपनी शुभकामनाएं रखी ।
इसके साथ ही बाल कलाकारों के द्वारा सुन्दर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई जिसने सभी का मन मोहा। प्रस्तुति देने वालों में कु. दृष्टि पमनानी, कु. पिहु, बीके पवन आदि मोजूद थे।
कार्यक्रम में संतोष गुप्ता, बीएम सोनी, प्रो. आर एस. वर्मा, राजेंद्र सिंह, अशोक पमनानी, नीलम मोतिरमानी, जया लोकवानी, कविता, एकता, सुरेन्द्र, रवि, हर्षित सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे ।
मंच का कुशल संचालन एवं सभी का आभार बीके प्रहलाद भाई ने किया।

Indraganj Lashkar

ब्रह्माकुमारीज़ की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस मनाया

Published

on

संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में सौंपी थी जिम्मेदारी

ग्वालियर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) का 61वां पुण्य स्मृति दिवस गुरुवार को आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम माधौगंज स्थित प्रभु उपहार भवन, पुराना हाईकोर्ट लाइन स्थित संगम भवन सहित ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर सभी केंद्रों पर ब्रह्ममुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक विशेष राजयोग-साधना एवं स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। प्रातः एवं सायंकाल आयोजित श्रद्धांजलि सभाओं में बड़ी संख्या में भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मम्मा की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए लश्कर ग्वालियर केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जी सदैव सजग, अनुशासित और सटीक निर्णय लेने वाली महान आत्मा थीं। उनकी विशेषता थी कि “बाबा का कहना और मम्मा का करना।” जीवन में कैसी भी परिस्थितियां आईं, उन्होंने सदैव गंभीरता, धैर्य और दृढ़ता के साथ उनका सामना किया तथा सभी के लिए आदर्श प्रस्तुत किया।
अमृतसर में हुआ था जन्म
मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती का जन्म वर्ष 1919 में अमृतसर के एक साधारण परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम ओम राधे था। कहा जाता है कि जब वे ‘ओम’ का उच्चारण करती थीं तो वातावरण में गहन शांति का अनुभव होता था, इसलिए वे ओम राधे के नाम से विख्यात हुईं। बचपन से ही वे कुशाग्र बुद्धि, प्रतिभाशाली एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति की थीं। ब्रह्मा बाबा द्वारा सुनाई गई ज्ञान की बातों को वे एक बार में ही आत्मसात कर अपने जीवन में उतार लेती थीं। 24 जून 1965 को उन्होंने अपने नश्वर शरीर का त्याग कर संपूर्णता की अवस्था को प्राप्त किया।
1965 तक निभाई मुख्य प्रशासिका की जिम्मेदारी
बीके ज्योति बहन ने बताया कि वर्ष 1937 में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने माताओं एवं बहनों के नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया था, जिसकी प्रथम जिम्मेदारी मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) को सौंपी गई। उन्होंने 24 जून 1965 तक संस्थान की बागडोर अत्यंत कुशलता, दूरदर्शिता और समर्पण भाव से संभाली। कम आयु होने के बावजूद उनका गंभीर व्यक्तित्व, आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई और नेतृत्व क्षमता सभी को आश्चर्यचकित कर देती थी। मम्मा के अव्यक्त होने के पश्चात ब्रह्मा बाबा ने राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संस्थान की जिम्मेदारी सौंपी।
बीके प्रहलाद भाई एवं बीके डॉ. गुरचरन सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मम्मा का जीवन त्याग, तपस्या, सेवा और आदर्श मूल्यों की जीवंत मिसाल था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मनुष्य पवित्रता, विनम्रता, सहनशीलता तथा परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण को अपनाए, तो वह स्वयं के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का माध्यम बन सकता है। उनका सम्पूर्ण जीवन ज्ञान, योग, धारणा और सेवा का अद्भुत संगम था।
कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर के सभी सेवा केंद्रों पर सैकड़ों भाई-बहनों एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

Continue Reading

Indraganj Lashkar

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

Published

on

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

Continue Reading

Indraganj Lashkar

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में हुआ योग

Published

on

योग जीवन जीने की एक समग्र पद्धत्ति है – आदर्श दीदी

“योग फॉर हेल्दी एजिंग” थीम के अंतर्गत स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का दिया गया संदेश

सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल

ग्वालियर । अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रभु उपहार भवन में “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing) थीम के अंतर्गत एक विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सभी आयु वर्ग के लोगों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई-बहनों, माताओं, युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम
अंतर्राष्ट्रीय योगा प्रोटोकाल के अंतर्गत आयोजित हुआ।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी केंद्र प्रमुख आदर्श दीदी एवं ब्रह्माकुमारी सुरभि बहन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान अभ्यास करवाए।
केंद्र प्रभारी बीके आदर्श दीदी ने बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है जो व्यक्ति को तन, मन और आत्मा के स्तर पर सशक्त बनाती है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत एवं बुद्धि एकाग्र रहती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता और संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या एवं बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभरकर सामने आया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि यह शारीरिक क्षमता को बनाए रखने, मानसिक तनाव को कम करने तथा जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में राजयोग ध्यान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि राजयोग व्यक्ति को अपनी आत्मिक शक्तियों को जागृत करने तथा परमात्मा से जुड़कर आंतरिक शांति एवं आनंद की अनुभूति प्राप्त करने का माध्यम प्रदान करता है। नियमित राजयोग अभ्यास से व्यक्ति के विचारों में सकारात्मकता आती है तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है।

कार्यक्रम के दौरान योग दिवस की इस वर्ष की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग” पर चर्चा की गई। सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने, नियमित योग एवं ध्यान करने तथा अपने परिवार एवं समाज में भी योग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

उपस्थित प्रतिभागियों ने योगाभ्यास कर अपने शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। अंत मे कार्यक्रम का समापन शांति पाठ से हुआ।

ग्वालियर दुर्ग पर प्रशासन की ओर से आयोजित सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज के भाई बहनें भी हुए शामिल
ग्वालियर दुर्ग पर आयोजित जिला प्रशासन द्वारा जिले के सामूहिक योग अभ्यास में ब्रह्माकुमारीज से वरिष्ठ राजयोग ध्यान प्रशिक्षक बीके प्रहलाद, बीके सोनिया, बीके खुशी, बीके नरेश सहित 80 से अधिक भाई एवं बहनें शामिल हुए।

Continue Reading

Brahmakumaris