Indraganj Lashkar
ग्वालियर : विश्व पर्यावरण दिवस सेवा समाचार
“प्रकृति का अस्तित्व अनादी है आज इसके संरक्षण की अति आवश्यकता है|”
ग्वालियर: विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में माधवगंज स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सहयोगी संस्था राजयोग एजुकेशन एण्ड रिसर्च फाउंडेशन के कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा एक जन जागृति हेतु एक कार्यक्रम का आयोजन किया किया गया | कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूपमें राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्व विद्यालय से डॉ. जी. एस. रावत (विभागाध्यक्ष, सस्य विज्ञान) रिटा. प्रोफेसर डॉ आर. एस. वर्मा, ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र संचालिका बी.के. आदर्श दीदी, राजयोग प्रशिक्षक बी.के. प्रहलाद भाई आशा सिंह आदि उपस्थित थी |
कार्यक्रम के शुभारंभ में उद्देशय को स्पष्ट करते हुए बी. के. प्रहलाद भाई ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकृति को समर्पित दुनियाभर में मनाया जाने वाला सबसे बड़ा उत्सव है| इस अवसर पर पर्यावरण के संरक्षण, संवरधन और विकास का संकल्प लेते है UNEP का जन्म सन् 1972 में हुआ तथा हर वर्ष 5 जून को ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ आयोजित करके नागरिकों को प्रदूषण की समस्या से अवगत कराने तथा प्रकति की सुरक्षा की चेतना को जागृत करने के लिये निश्चय किया गया | सम्पूर्ण विश्व में ब्रहामाकुमारीज द्वारा पर्यावरण जागृति लाने के लिए किये गए विशेष प्रयास को देखते हुए UNEP में NGO के रूप में 2014 से observer status प्राप्त हुआ | ब्रहामाकुमारीज का सहयोगी संस्थान राजयोग एज्युकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के ‘कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग’ इस कार्यक्रम को आगे बढाने में विशेष प्रयास कर रहा है | पर्यावरण की गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण हेतु आवश्यक कदम, पर्यावरण प्रदूषण के निवारण तथा नियंत्रण की जागृति के लिये राष्ट्रव्यापी प्रयास के रूप में विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण जागृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया है|
वर्तमान समय को प्लास्टिक युग कहते है | यूज एंड थ्रो का जमाना भी कहते है | आज जहाँ जहाँ प्लास्टिक वेस्ट होने के कारण स्वच्छ्ता के ऊपर तो असर हुआ ही है, लेकिन जमीन पर आज प्लास्टिक का स्तर बढ़ता जा रहा है की वजह से जमीन बंजर होती जा रही है इससे बरसाती पानी का संचयन सीट होती जा रही है भूगर्भ जल की गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ा है सबसे पहले स्वच्छता के पहलू को समझेंगे तो सुरक्षा काफी हद तक कर सकेंगे |
हमें उस चीज को सही जगह पर पहुंचाना है जिससे उस चीज का सम्मान हो और ऐसी जगह ढूंढ कर सुनिश्चित कर उसे वहां पहुंचाने की व्यवस्था करनी होगी | इसको सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कहते हैं मैनेजमेंट के लिए हमें 5r R को प्रैक्टिकल जीवन में अपनाना होगा |
REDUCE (रिड्युस) – जहाँ तक हो समझदारी से प्लास्टिक के उपयोग को कम करते जाना है | ऐसे विकल्प ढूंढने होंगे जो पर्यावरण के अनुकूल हों |
REFUSE (रीफ्युज) – यूज एंड थ्रो प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग ना करें |
REUSE (रीयूज) – कई ऐसी चीजें होती है जिसका एक या दूसरे रूप में पुनः उपयोग हो सकता है ऐसा करने से हम वेस्ट को कम कर सकते हैं|
RECYCLE (रिसायकल) – कुछ ऐसी बस्तुएं है जो पुरानी हो जाए तो उस मैटेरियल रीसाइकल के माध्यम से पुनः उपयोगी बनाया जा सकता है |
REMOVE (रिमूव) – प्लास्टिक का कचरा फैलने से रोके
कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. जी.एस. रावत ने कहा कि – पर्यावरण संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है उन्होंने इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “एयरपोल्यूशन” के विषय पर बताया कि किस प्रकार हम सभी के समक्ष वायु प्रदूषण एक वैश्विक संकट बन गया है | इससे निपटने के लिए जितना हो सके वृक्षों का संरक्षणकरें और वृक्ष लगायें क्यों कि “पेड़ हैं तो जीवन है|” जी.एस. रावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है वायु प्रदूषण को कम करना हम सभीके समक्ष वायु प्रदूषण एक वैश्विक संकट बन गया है | इससे निपटने के लिए जितना हो सके वृक्षों का संरक्षण करें और वृक्ष लगायें क्यों कि “पेड़ हैं तो जीवन है|”
आदर्श दीदी जी ने कहा कि प्रकृति का अस्तित्व अनादी है आज इसके संरक्षण की अति आवश्यकता है | उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के साथ-साथसर्वप्रथम अपने मन के विचारों को स्वच्छ बनाएं| आज मानव निर्मित सुख सुविधाओं की चीजें वातावरण पर अपना दुष्प्रभाव दिखा रहीं हैं जिससे पर्यावरण दिन-प्रतिदिनप्रदूषित होते जा रहा है|
आज यदि हम वायु प्रदूषण की बात करें तो वातावरण का हर घटक आज प्रदूषण के जहर से दूषित दिखाई देता है| हवा श्वास लेने लायक नहीं रही तो इसका छोटे बच्चों पर गहरा असर पड़ता है | आज देश में 80 प्रतिशत शहरों में वायु प्रदूषण इतना है कि वह श्वांस लेने लायक नहीं रही है| कारण अनेक है जैसा की फसलों को जलाए गए अबशेष, वाहनों से निकलता हुआ धुआं, कारखानों से निकलता हुआ धुंआ तथा दीपावली जो आज धुएं का उत्सव बन गया है | आदि आज देश में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण वायु प्रदूषण माना जाता है| दिल्ली के वायु प्रदूषण के बारे में सब जानते हैं जिसे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नेशनल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है | 20 लाख से 30 लाख बच्चे वायु प्रदूषण के दुष्परिणामों को अपने फेफड़ो में लेकर घूम रहे है | अगर यही स्थिति रही तो हमें बच्चों को आईसीयू में ही पालने पड़ेंगे और यह स्थिति बहुत भयानक होगी | अपने बच्चों के जीवन की तबाही को कौन गिफ्ट में देना चाहेगा ऐसी दुनिया जहां पर सांस लेना ही मुश्किल हो चाहेगा हम ऐसे सार्थक प्रयास करें कि हम आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ साफ सुथरी दुनिया दे सके | आदमी पेड़ काटता जा रहा है कारखाना बढ़ाता जा रहा है बिना सोचे समझे गाड़ियों को भगाता जा रहा है वाहनों से निकलता हुआ धुँआ पूरे आकाश में छा रहा है मानव निर्मित क्लोरो फ्लोरो कार्बन से ओजोन परत में छेद हो गया है | जिससे सूर्य की अल्ट्रा वायले्ट किरणें धरती पर सीधा पहुँचती है और इसका मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है |
तो हम सभी का कर्तव्य है कि पर्यावरण को स्वच्छ व प्रदूषण मुक्त बनाने में अपना सहयोग करें| साथ ही अपनी शुभभावनाओं के प्रकम्पन से प्रकृति के पाँचों तत्वों कोपोषित करें |
मैं धरती का चेतन सितारा हूं…. मैं दिव्य आत्मा कल्याणकारी होकर विश्व ग्लोब पर विराजमान हूँ मुझ पर ज्ञान सूर्य की किरने फैली हुई है…… मैं परमात्मा स्नेह और शक्तियों की किरणों से संपन्न होती जा रही हूं…..मै सर्व शक्तियों से चार्ज होती जा रही हूं….. परमात्मा की पवित्र किरणें प्रकृति के पांचों तत्वों को भी पावन बना रही है….और स्वयं में मैं इन किरणों को समाकर सारे खेतों में चारों तरफ फैला रही हूं….प्रकृति के पांचों तत्व पवित्र बनते जा रहे हैं… प्रकृतिपति परमात्मा से पवित्र किरणें पाकर सारी बसुंधरा पुनः सतोप्रधान बनती जा रही है… सारे ही विश्व में इस भूमि से शक्तिशाली पवित्र प्रकाश की किरणें फ़ैल रही है…. जल में शांति की किरणें फ़ैल रही है…. शक्ति की किरणें फैल रही है…. वायु द्वारा प्रेम की किरणें फैल रही है….. आकाश में ज्ञान की किरणें फैल रही है…. सारा संसार परमात्मा की दिव्य शक्तियों से जगमगाता जा रहा है….. मै आत्मा आनंद स्वरूप हूं, परम पिता परमात्मा आनंद के सागर है, उस आनंद की वायब्रेशंस मै प्रकृति सहित पशु पंछी, जीव जंतु और पेड़ों को दे रही हूँ…. जिसकी वजह से पशु पंछी में भी उमंग उत्साह बढ़ता है…..ओम शांति|
प्रोफेसर आर. एस. वर्मा ने बताया कि- ब्रह्माकुमारीज संस्थान माउंट आबू के द्वारा पर्वारण संरक्षण के कई कार्यक्रम किये जाते रहते हैं| वहाँ जाकर लोगो को देखना चाहिए कि किस तरह से पर्यावरण संरक्षण के लिए संस्था कार्य कर रही है | उन्होंने ‘प्लास्टिक प्रदूषण’ के बारे में सभी को बताया कि कैसे आज हमप्लास्टिक के आदि हो गये हैं चाहते हुए भी उसके उपयोग को कम नहीं कर पा रहे हैं | उन्होंने बताया कि प्लास्टिक एक ऐसा पदार्थ है जो कि हजारों सालों तक ज्यों कात्यों पड़ा रहता है जो कि आज मानव के साथ साथ प्रकृति के लिए भी खतरा बन गया है| उन्होंने प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों को सभी को बताया कि प्लास्टिक नकेवल मृदा को प्रदूषित करता है वरन जल, जीव-जंतु, समुद्री जीव, मानवजीवन, वायु पर भी इसका उतना ही दुष्प्रभाव पड़ता है और सभी से अनुरोध किया कि जितना होसके प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेवारी का ईमानदारी के साथ निर्वहन करें |
कार्यक्रम का कुशल संचालन आशा बहिन ने किया तथा कार्यक्रम के अंत में बी. के. प्रह्लाद भाई ने सभी को प्रतिज्ञा करवाई एवं सभी का आभार व्यक्त भी किया |
प्रतिज्ञायें जो सभी को कराई गई
- हम प्रतिज्ञा करते हैं कि कम से कम एक वृक्ष जरुर लगाऊँगा और उसका संरक्षण करूँगा |
- धरती माता की हरित श्रृंगार बनाए रखने के लिए तथा जंगलों को बचाने में पूरा सहयोग करूंगा|
- धरती पर और वायुमंडल के लिए घातक प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करूंगा|
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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…
नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी
ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।



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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।






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सकारात्मक चिंतन से हर समस्या का समाधान मिलता है – आदर्श दीदी (न्यूज़ कवरेज)




