Indraganj Lashkar
समाज सेवा प्रभाग का “सुखी जीवन स्वस्थ समाज” अभियान ग्वालियर शहर में
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“आओ करें निर्माण सुन्दर, स्वस्थ व सुखी समाज का “
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय भगिनी संस्था राजयोग रिसर्च एंड एजुकेशन के समाज सेवा प्रभाग का समाज सुधार अभियान “सुखी जीवन स्वस्थ समाज” जम्मू से मुंबई 28 अप्रैल से प्राम्भ होकर 16 मई को ग्वालियर शहर पंहुचा | इस अभियान के अंतर्गत अनेकानेक कार्यक्रम आज सुबह 9 बजे से ग्वालियर शहर के सेंट्रल जेल, नेशनल इंश्योरेंस कोपरशन लिमिटेड, सिंधी वूमेन सोसाइटी, इलाहबाद बैंक, लायंस क्लब,शांति निकेतन, होटल प्रह्लाद इन,भदौरिया कोचिंग, संस्कार नशा मुक्ति केंद्र, वूमेन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट ऑफिस आदि में ब्रह्माकुमारीज लश्कर, तानसेन नगर, सिटी सेंटर के अंतर्गत संपन्न हुए| इसी अभियान के अंतर्गत सायंकाल 5 बजे से ग्वालियर शहरवासियों के लिए एक कार्यक्रम माधवगंज स्थित ब्रह्माकुमारीज प्रभु उपहार भवन में भी रखा गया |कार्यक्रम में मुख्य रूप से अभियान को कुशलता पूर्वक संपन्न कराती आ रहीं ब्रह्माकुमारीज संस्थान की बहिनें बी. के. ज्योति बहन (दिल्ली), बी.के. भावना बहन (गुरुग्राम), बी.के. मीनाक्षी बहन (कुरुक्षेत्र), बी के प्रिया बहन (फरीदाबाद), बी के नीरू बहन (फरीदाबाद), बी के रेणु (करनाल) के साथ ब्रह्माकुमारीज लश्कर ग्वालियर की संचालिका बी के आदर्श दीदी जी, बी के डॉ. गुरुचरण भाई, बी के प्रह्लाद भाई उपस्थित थे|कार्यक्रम में मुख्य अथिति के रूप में ग्वालियर शहर से श्रीमती नीलम गुप्ता (संस्थापिका संस्कार मंजरी), श्रीमती अंजू भदौरिया (अध्यक्ष भारत रक्षा मंच), डॉ. मुक्ता सिकरवार (सचिव नवसिद्धांत जनकल्याण संस्था),अरविन्द कुमार शर्मा (DGM,MPeb), उपस्थित थे| कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन व स्वागत नृत्य के के साथ किया गया |
बी. के. ज्योति बहन के द्वारा 50 दिन के अभियान के लक्ष्य “सुखी जीवन स्वस्थ समाज” को सभी के समक्ष रखा गया | साथ ही ब्रह्माकुमारीज के समाज सेवा प्रभाग द्वारा पिछले वर्षों में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे विभिन्न समाज सुधार के कार्यक्रम, सम्मलेन, एवं अभियानों से सभी को अवगत कराया |
अभियान कोर्डिनेटर बी के रेणु बहन ने कहा कि जीवन खुश रहने और खुशियां बांटने का दूसरा नाम है लेकिन आज चारों ओर अशांति, दुःख, बेचैनी, टेंशन, भय का माहौल नज़र आता है|ऐसे में हर कोई सुख, शांति व ख़ुशी से जीवन जीने कि कला सीखना चाहता है| उन्होंने बताया कि यदि हम सुखी जीवन के मूलभूत सिद्धांतों को समझकर अपने मन को सही सोचने कि ट्रेनिंग दे दें तो हमारी ज़िन्दगी बहुत खूबसूरत हो सकती है| उन्होंने बताया आज समाज ही नहीं वरन संसार की दशा किसी से भी छिपी नहीं है| क्या अमीर, क्या गरीब, क्या शिक्षित, क्या अशिक्षित इसके विषय में सभी एक मत हैं कि आज का समाज बुरी तरह से विकृत हो चुका है आज सभी का चारित्रिक, वैचारिक, नैतिक पतन हो चुका है| जो समाज के ज्वलंत मुद्दे हैं उन पर फोकस किया जाना चाहिए| व्यक्ति के नजरिये में बदलाव लाकर ही सभी सामाजिक अपराधों, समस्याओं का समाधान किया जा सकता है| जब परमात्मा एक है तो उसके बच्चे क्यों बिखरे हुए हैं क्यों हम अलग अलग धर्म, जाति, संप्रदाय के बंधनों में हैं| उससे ऊपर उठकर देखें तो अपने को एक जैसा पाएंगे |अगर हम वास्तव में यह पहचान लें कि हम कौन हैं?और वास्तव में किसकी संतान हैं?तो जीवन में खुशियों की शुरुआत हो जाएगी और एक स्वस्थ सुखी सुन्दर समाज का निर्माण हो जायेगा|
बी के प्रिया बहन ने कहा एक आदर्श, सभ्य, मूल्याधारित और स्वस्थ समाज नवनिर्माण वर्तमान समय कि अति महत्वपूर्ण आवश्यकता है जैसा कि हम सभी जानते हैं कि शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ मनुष्य ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकता है |स्वच्छ व स्वस्थ समाज ही वास्तव में सुन्दर व सुखी समाज बन सकता है| तो आइये, हम सभी मिलकर अपने मन को साफ़ व स्वच्छ बनाकर एक स्वच्छ ,स्वस्थ और स्वर्णिम समाज एवं देश के निर्माण में भागीदार बनें|
लश्कर सेवाकेंद्र संचालिका बी के आदर्श दीदी जी ने कहा कि परिवर्तन संसार का नियम है समयानुसार परिवर्तन की बात सभी स्वीकार करते हैं यदि परिवर्तन एवं सुधार का कार्य रुक जाये तो समाज में सड़न पैदा हो जाती है जैसे कि ठहरा हुआ पानी प्रदूषित होने लगता है| आज हम सभी समाज में परिवर्तन कि आवश्यकता महसूस कर रहे हैं हम सभी चाहते हैं कि एक सुखी ,सुन्दर, मूल्याधारित समाज हम सभी के समक्ष हो | उसके लिए समाज व देश के प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना होगा| क्यों कि सबके सहयोग से ही एक सुन्दर ,स्वर्णिम समाज का निर्माण हो सकेगा |चाहे वह ग्रामीण इलाके में रहने वाला व्यक्ति हो या शहर में, हर किसी को सामाजिक सुधारों के प्रति गंभीर होना चाहिए जिससे एक स्वर्ग सा सुखमय समाज निर्मित हो सके | इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है मानव की संकल्प शक्ति क्यों कि वह प्रकृति को भी प्रभावित करती है इसलिए उसे किसी भी हालत में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए| अगर संकल्प शक्ति के महत्व को जानकर उसे कार्य में लगाया जाये तो उसके सुखद परिणाम प्राप्त होंगे | लोगों को क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष, घ्रणा, व्यर्थ विचारों से मुक्त होकर सहयोग,स्नेह व शुद्ध संकल्पों से जीवन को जीना चाहिए इससे स्वस्थ सुखी व स्वर्णिम समाज का निर्माण स्वत: ही हो जायेगा|अंत में दीदी जी ने अभियान के अंतर्गत आयी हुई ब्रह्माकुमारी बहिनों एवं अथितियों का धन्यवाद किया | कार्यक्रम में पधारे हुए मुख्य अतिथियों के द्वारा ब्रह्माकुमारीज संस्थान के इस 7 राज्यों के “HAPPY LIFE & HEALTHY SOCIETY” अभियान के लिए अपनी शुभकामनायें दीं गयीं और समाज परिवर्तन के इस श्रेष्ठ कार्य की सराहना की गयी |कार्यक्रम का कुशल संचालन आशा बहिन के द्वारा किया गया|
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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…
नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी
ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।



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राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।






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