Indraganj Lashkar
“Mera Gwalior – Swach Gwalior – Drug free Gwalior” Rally orgranised by Brahma Kumaris of Gwalior for awakening the humanity
“Mera Gwalior – Swach Gwalior – Drug free Gwalior” Rally orgranised by Brahma Kumaris of Gwalior for awakening the humanity. Holding value based slogans and flags, ‘Make the mind clean and the earth green’ is the positive message given to Gwalior city.
ग्वालियर : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा नगर निगम ग्वालियर के सहयोग से स्वच्छता जागरूकता शोभायात्रा (रैली) निकाली गयी, इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुवात ब्रह्माकुमारीज के माधोगंज स्थित स्थानीय सेवाकेंद्र पर प्रात: 07:30 से किया गया, इस कार्यक्रम में विशेष रूप से ग्वालियर महानगर के माननीय महापौर श्री विवेक नारायण शेजवलकर, स्वच्छता अभियान के ब्रांड एम्बेसडर श्री एम.एल. दौलतानी, स्थानीय पार्षद श्रीमति वंदना अरोरा, श्री अजय अरोरा, ब्रह्मकुमारीज़ संस्थान के वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बी.के. डॉ. गुरचरण, बी.के. प्रह्लाद उपस्थित रहे, कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित करके किया गया| बी.के. प्रह्लाद द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया| ततपश्चात् बी.के.डॉ. गुरचरण सिंह ने, ब्रह्मकुमारिज संस्थान द्वारा भारत एवं विश्वभर में चलाये जा रहे अभियानों के बारे में सभी को जानकारी दी उनोह्नें बताया कि संस्थान पिछले 80 वर्षो से मानवता की सेवा में समर्पित है अभी वर्तमान में एक बड़ा राष्ट्रीय अभियान “मेरा भारत स्वर्णिम भारत” चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत स्वच्छता, व्यसन मुक्ति, बेटी बचायो बेटी पढाओ,CLEAN THE MIND GREEN THE EARTH (स्वच्छ मन व धरती को हरा भरा बनाये) आदि- आदि अन्य अभियान चलाये जा रहे है उसी क्रम में आज ग्वालियर में भीस्वच्छता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया | जिसका उद्देश्य सम्पूर्ण मानवजाती को प्रकृति, पर्यावरण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना हैं साथ ही उन्होंने बताया कि हम अपने बाह्य परिवेश को तभी स्वच्छ बना सकते है जबकि हम आतंरिक रूप से, मानसिक रूप से सत्यता, और स्वच्छता को अपनाये, जैसे हम अपने दैनिक जीवन में अपने परिवार के प्रति, अपने कार्यो के प्रति जिम्मेवारी को पूरा करने के लिया सदैव प्रयासरत हैं उसी प्रकार से हमे प्रकृति, व पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेवारी को समझना होगा, उन्होंने कहा कि जैसे माता-पिता अपने बच्चो की शुरुआत से अच्छी पालना करते हैं पर कभी कभी वही बच्चे अपने माता-पिता को सहयोग नहीं करते परन्तु प्रकृति, पर्यावरण जीवनपर्यंत हमारे सहयोगी बनाकर रहती है, अत: इनके प्रति हमारी भी जिम्मेवारी है, साथ ही उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू किये गए इस स्वच्छता अभियान के लिये ब्रह्माकुमारीजसंस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी जी, शुरुआत से ही ब्रांड एम्बेसडर है, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सहज राजयोग के अभ्यास से हम दूषित मन को स्वच्छ बना सकते है और अपनी बुरी आदतों को भी बदल सकते है |
इसके साथ ही पार्षद श्रीमती वंदना अजय अरोरा ने भी शोभायात्रा के प्रति अपनी शुभकामना व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी को एकजुट होकर ये प्रयास करना होगा तभी इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है उन्होंने बताया कि माधोगंज में जबसे ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान का स्थानीय मैडिटेशन केंद्र खुला हैं तभी से वहां आसपास के लोगो में स्वच्छता के प्रति जाग्रति देखने में आई है, इससे पूर्व भी प्रयास किये जाते रहे परन्तु मैडिटेशन केंद्र के खुलने के बाद इसका प्रभाव अधिक देखने में आया, इसके लिये उन्होंने संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि अभी आप सभी का ये कार्य एक गली एरिया से आगे बढकर पूरे शहर व देश को स्वच्छता की ओर ले जाये ऐसी जाग्रति हम सभी को मिलती रहे ऐसी हमारी शुभकामना हैं |
तत्पश्चात माननीय महापौर श्री शेजवलकर ने कहा कि भारत सरकार तथा ग्वालियर नगर निगम द्वारा चलाये जा स्वच्छता अभियान में सहयोगी बनने व इस अभियान को सार्थक बनाने के लिये संस्थान द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति अपनाओर से धन्यवाद व शुभकामनाये दीं | उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर 2014 को हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश को यह संकल्प दिलाया कि हम अपने देश को गन्दगी से मुक्त स्वच्छ भारत बनाकर ही छोड़ेंगे |उन्होंने कहा- कि हम जिस समाज में रहते है वहां एक माँ भी अपने बच्चे से कहती हैं कि पहले नहाकर आओ तब भोजन करना, रोज सुबह हम सभी मंदिरों में दर्शन के लिये जाने से पूर्व स्नान और स्वच्छता का ध्यान रखते है, मंदिरों में भी स्वच्छता व सफाई का पूरा ध्यान होता हैं, घर में भी दिन में 2 से 3 बार साफ-सफाई करते है, स्वच्छता तो हमारे संस्कारों में हैं | परन्तु पिछले कई वर्षो में हमारी आदतें बदल गयी हैं, और गंदगी उस आदत का दुष्परिणाम है | महात्मा गाँधी जी ने भी कहा कि जहाँ स्वच्छता है वही इश्वर का वास हैं | इसी बात को आगे बढाते हुए हमने अपनी आदत को सुधारने का बीड़ा उठाया है | आदतें बदलना मुश्किल तो होता है परन्तु असंभव नहीं | यह बहुत ही सांस्कृतिक निर्णय है | मै मानता हू कि हम सभी के सहयोग से ये कार्य जरूर सफल होगा ही और यह भी मानता हू कि केवल भाषणों, रेलियों से यह कार्य पूरा नहीं होगा, बल्कि व्यक्तिगततौर पर इसे हमे अपनी जिम्मेवारी समझना होगा | स्वयं नशा करते दूसरों को नशा न करने का उपदेश देंगे तो कोई नहीं मानेगा, कोई असर नहीं होगा | हमे अपनी तरफ से शुरुआत करते हुए अपनी आदते बदलनी होंगी, तभी हम लोगो को बदल पाएंगे | मेरा हर वर्ग से, हर उम्र के लोगों से यही निवेदन है कि इस अभियान के प्रति अपनी अपनी जिम्मेवारी समझे और अपना एक कदम स्वच्छता की और बढ़ाएं |
स्वच्छता अभियान में ग्वालियर के ब्रांड एम्बेसडर डॉ. दौलतानी ने कहा कि अभी कुछ समय पूर्व ही मुझे ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्यालय जाने का अवसर मिला जहाँ पर मैंने हजारो भाई बहनो को देखा वहां के स्वच्छ निर्मल वातावरण को देखा और सफाई के प्रति अनुसाशन को देखा वहीँ मुझे यह संकल्प आया कि ग्वालियर शहर में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के साथ मिलकर स्वच्छता जागरुक रैली निकालनी है क्योकिमै इनकी शिक्षाओ जीवन शैली व अनुशासन से प्रभावित हुआ यह संस्था समाज में आध्यात्मिक जागरूकता का कार्य कर रही है | क्योकि जाग्रति के विना ये अभियान पूरा नहीं हो सकता | उन्होंने कहा कि 3000 सफाई कर्मचारी मिलकर पूरे शहर को स्वच्छ नहीं बना सकते 15 लाख की आबादी बाले इस शहर में हरेक को स्वच्छता के प्रति अपनादायित्व समझना चाहिए जाग्रति का उद्देश्य ही व्यक्तिगत दायित्व का अनुभव कराना है जिसके लिये यह रैली निकाली जा रही है मेयर सर व हम सभी के प्रयास से इस अभियान में ग्वालियर नंबर वन पर है परन्तु फिर भी अभी स्वच्छता की आवश्यकता है और इसीलिये हम इस रैली के माध्यम से आप सभी से सहयोग का आह्वान करते है |
तत्पश्चात माननीय महापौर द्वारा हरी झंडी दिखाकर रैली को प्रारम्भ किया गया यह रैली स्वच्छता का संदेश देते हुए माधवगंज से रोक्सीपुल, कम्पू, नयाबजार, दाल बाजार, जयेन्द्रगंज, शिंदे की छावनी होती हुई फूलबाग गाँधी उद्द्यान पहुंची वहां पर गाँधी जी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लगभग 500 से भी अधिक भाई बहनों ने स्वच्छता को बनाये रखने की सपथ ली और एक कार्यक्रम करके रैली का समापन किया गया |
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नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ। शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है। ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं…
नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है – बीके प्रहलाद भाई
जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है – उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर
क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है – बीके आदर्श दीदी
ग्वालियर। 30/01/2026, पुलिस महानिरीक्षक, विसबल ग्वालियर रेंज, ग्वालियर के निर्देशन में आज 02 री वाहिनी विसबल, ग्वालियर में रेंज स्तरीय नशा मुक्ति शिविर का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ग्वालियर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।
शिविर में 02 री, 13 बी एवं 14 बी वाहिनी विसबल, ग्वालियर के कुल 250 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक सशक्तिकरण करना तथा स्वस्थ, अनुशासित एवं कर्तव्यनिष्ठ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उप महानिरीक्षक /सेनानी राकेश सगर, ब्रह्माकुमारीज संस्थान से केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई, बटालियन से यूनिट चिकित्सक डॉ ओम प्रकाश वर्मा, एडजुटेंट पूनम शर्मा उपस्थित थीं। वक्ताओं द्वारा नशा मुक्ति, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच तथा नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन के महत्व पर प्रेरक विचार प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए आत्मचिंतन, ध्यान एवं नैतिक अनुशासन को अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे बीके प्रहलाद भाई ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि नशा इंसान के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार की ओर ले जाता है। शुरुआत में यह व्यक्ति को सुकून का एहसास देता है, लेकिन समय के साथ यही नशा शरीर, मन और परिवार को खोखला कर देता है। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति छीन लेती है और वह अपने कर्तव्यों से दूर हो जाता है। अनेक परिवार इस कारण टूट जाते हैं और समाज कमजोर बनता है। हमें यह समझना होगा कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि समस्याओं की जड़ है। यदि हम सच में खुशहाल और स्वस्थ जीवन चाहते हैं, तो नशे से दूरी बनाना ही एकमात्र सही मार्ग है। उन्होंने आगे कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर इंसान खुशी की तलाश में है। हम सोचते हैं कि धन, पद और सुविधाओं से खुशी मिलेगी, लेकिन सच्चाई यह है कि खुशी हमारे भीतर होती है। छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढना, दूसरों की मदद करना और मुस्कुराते रहना ही वास्तविक खुशी है। जब हम दूसरों को खुश करते हैं, तो हमारी खुशी अपने आप बढ़ जाती है। जीवन में समस्याएँ आना स्वाभाविक है। कोई भी व्यक्ति समस्याओं से बचकर आगे नहीं बढ़ सकता। वास्तव में समस्याएँ हमें मजबूत बनाने के लिए आती हैं। इसलिए उनसे घबराना नहीं चाहिए। क्रोध भी मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। जो व्यक्ति अपने क्रोध को जीत लेता है, वही सच्चे अर्थों में सफल और महान बनता है।
कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक / सेनानी राकेश सागर ने कहा कि याद रखिए, जीत एक दिन मिलती है, लेकिन तजुर्बा रोज़ मिलता है। जीवन में हर दिन जीत नहीं होती, पर हर दिन हमें कुछ न कुछ सिखा जाता है। कभी हालात हमें आगे बढ़ाते हैं, तो कभी गिराकर समझाते हैं। जो व्यक्ति केवल जीत की प्रतीक्षा करता है, वह निराश हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति रोज़ मिलने वाले तजुर्बे को स्वीकार कर लेता है, वही भीतर से मजबूत बनता है। तजुर्बा हमें धैर्य सिखाता है, सही निर्णय लेना सिखाता है और जीवन को समझदारी से जीना सिखाता है। जब इंसान रोज़ खुद पर काम करता है, तभी वह भीतर से विकसित होता है। जब हम अपनी गलतियों को पहचान लेते हैं और उन्हें स्वीकार कर लेते हैं, तभी सुधार संभव होता है। उन्होंने आगे कहा कि परिवर्तन अचानक नहीं होता, यह धीरे-धीरे, समय के साथ होता है। लेकिन जो व्यक्ति साधना और सुधार के मार्ग पर टिके रहते हैं, उनका जीवन निश्चित रूप से बदलता है।
ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख बीके आदर्श दीदी ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों में देखा जाए तो हर व्यक्ति किसी न किसी दबाव में जी रहा है। और इसी दबाव के बीच कई लोग गलत रास्ता चुन लेते हैं या नशे का सहारा लेने लगते हैं। उन्हें लगता है कि नशा उनके दुख, तनाव और परेशानियों को कम कर देगा, लेकिन वास्तव में नशा समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समस्या को और गहरा बना देता है। हमें यह समझना होगा कि हमारा जीवन केवल हमारा नहीं है। हमारे साथ हमारा परिवार भी जुड़ा हुआ है। माता-पिता की उम्मीदें, बच्चों का भविष्य, जीवनसाथी का विश्वास। जब एक व्यक्ति नशे की लत में पड़ता है, तो केवल वही नहीं टूटता, बल्कि पूरा परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से टूटने लगता है। इसलिए हमें अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। क्षणिक सुख के लिए लिया गया गलत निर्णय पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है। ईश्वर ने मनुष्य को जो सबसे बड़ी शक्ति दी है, वह है सोचने और समझने की क्षमता। यह क्षमता किसी और प्राणी में नहीं है। यदि समझ होते हुए भी हम गलत रास्ता चुनते हैं, तो वह हमारी कमजोरी है, न कि मजबूरी। जब हम अपनी समझ का सही उपयोग करते हैं, तभी हम नशे जैसी बुराइयों से खुद को और अपने समाज को बचा सकते हैं।
डॉ ओम प्रकाश वर्मा ने कहा कि आज बहुत से लोग यह कहते सुनाई देते हैं कि अगर नशा नहीं करेंगे तो मन नहीं लगेगा, दिमाग शांत नहीं रहेगा, काम में ध्यान नहीं आएगा। लेकिन यह केवल एक भ्रम है, सच्चाई नहीं। नशा मन को स्थिर नहीं करता, बल्कि उसे और बेचैन बना देता है। कुछ समय के लिए यह दर्द को दबा देता है, लेकिन अंदर ही अंदर इंसान को खोखला कर देता है।
वर्तमान में अनेक प्रकार से नशा हमारे समाज में पांव फैलाता जा रहा है जिनके द्वारा आपके शरीर को आपके दिमाग को नुकसान होता है आपके व्यवहार में भी बदलाव आता है। एडिक्शन की वजह से लीवर खराब हो सकता है। किडनी, पेनक्रियाज, डायबिटीज या हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां या फिर हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए नशे से दूर रहना ही बेहतर है यदि आप नशे के शिकार है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आप इसे छोड़ सकते है
शिविर का समापन नशा मुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया।



Indraganj Lashkar
राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
राष्ट्रीय युवा दिवस, स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के शुभ अवसर पर स्वामी विवेकानंद सेवा समिति द्वारा धर्मगुरुओं का सम्मान किया गया जिसमें शहर के अलग अलग धर्मगुरुओं के साथ ब्रह्माकुमारीज संस्थान से वरिष्ठ राज्ययोग ध्यान प्रशिक्षक एवं प्रेरक वक्ता बीके प्रहलाद भाई का सम्मान किया गया।
यह सम्मान पूर्व विधायक श्री मुन्नालाल गोयल, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष अध्यक्ष श्री अभय चौधरी, स्वामी विवेकानंद सेवा समिति अध्यक्ष नूतन श्रीवास्तव द्वारा दिया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री मान. श्री तुलसी सिलाबट, बीजेपी जिलाध्यक्ष अध्यक्ष जय प्रकाश राजोरिया, अनेकानेक धर्मगुरु, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बीके प्रहलाद भाई नें स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकश ड़ालते हुए उनसे प्रेरणा लेकर जीवन को सुन्दर बनाने कि बात कही तो वहीं अन्य अतिथियों नें भी इस विषय पर प्रकश डाला।

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स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज के भाई एवं बहनें हुए शामिल
स्वामी विवेकानंद जी की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस पर शासकीय उ.मा.वि. शिक्षानगर में सामुहिक सूर्यनमस्कार का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्थान से बीके प्रहलाद भाई, बीके अंजलि बहन, बीके योगेश भाई सहित अन्य भाई-बहनों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिले के प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जयप्रकाश राजौरिया, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान, जिला पंचायत सीईओ श्री सोजान सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, स्कूल के विद्यार्थी, पतंजलि संस्थान के सदस्य आदि शामिल रहे।






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