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कल पर विचार अवश्य कीजिये, उस पर मनन कीजिए, योजनायें बनाइये, तैयारियां कीजिए किन्तु उसके लिए चिंतित मत होइए- बी. के. प्रहलाद भाई

बी. एस. एफ. अकादमी टेकनपुर में “स्ट्रेस मैनेजमेंट” पर आयोजित वर्कशॉप में बी. के. प्रहलाद भाई ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के दौर में तनाव लगभग प्रत्येक वर्ग में एक आम समस्या के रूप में बड़े पैमाने पर उभर कर आया है और प्रत्येक व्यक्ति इसके लिए स्वयं ही जिम्मेदार है| इसके कई कारण हो सकते है जैसे – पारिवारिक समस्याएँ, आर्थिक तंगी, आपसी संबधों में परस्पर सहयोग, सम्मान और स्नेह का अभाव, बीती दु:खद घटनाओं के प्रभाव में रहना, भविष्य की चिंता में खोये रहना, वस्तुओं एवं व्यक्तियों से खुशियों का जुड़ा होना जो कि हमें निरंतर चलने वाले व्यर्थ संकल्प और अशांति की ओर धकेलते रहता है और हमारी आंतरिक सुख-शांति और ऊर्जा को ख़त्म करते रहता है| उन्होंने कहा मै यह नहीं कहता कि आप भविष्य के प्रति बिलकुल ही उदासीन हो जाएँ वरन कल पर विचार अवश्य कीजिये, उस पर मनन कीजिए, योजनायें बनाइये, तैयारियां भी कीजिए किन्तु उसके लिए कभी चिंतित मत होइए और आपसी संबंधों में परस्पर प्रेम, सम्मान और सहयोग व तालमेल बनाकर रखिये, छोटी-छोटी हलचल पैदा करने वाली बातों को आवश्यकतानुसार अनदेखा भी करिए साथ ही वर्कप्लेस पर सभी के साथ सहयोगी,साथी बनकर समरसता के साथ रहिये |

अंत में उन्होंने मैडिटेशन विषय पर सभी को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समयानुसार मैडिटेशन सभी की दिनचर्या में नियमित रूप से शामिल होना चाहिए| क्यों कि मैडिटेशन हमें आंतरिक सशक्तिकरण प्रदान करता है| मैडिटेशन ही आधार है हमारी आंतरिक सुख, शांति का | साथ ही इसका नियमित अभ्यास हमें स्थायी सुख, शांति और संतुष्टता प्रदान करता है| और किसी भी परिस्थिति में हमें एक बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाता है|

कार्यक्रम के अंत में बी. के. महिमा बहिन के द्वारा एक कविता के माध्यम से स्ट्रेस फ्री लाइफ के लिए कुछ टिप्स शेयर किये गये साथ ही सभी को कमेन्ट्री के माध्यम से राजयोग मैडिटेशन का अभ्यास करवाया गया|